पारंपरिक लखदाता छिंज मेले का भव्य समापन
चम्बा जिले के भटियात उपमंडल के ककीरा क्षेत्र में स्थित चफ्फड़ गांव में पारंपरिक लखदाता छिंज मेले का आयोजन किया गया। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है, जिसमें दंगल प्रतियोगिताएं मुख्य आकर्षण रहीं।
दंगल में दिखा जोश और उत्साह
मेले के दौरान आयोजित दंगल में क्षेत्र के जाने-माने पहलवानों ने अपने दांव-पेच दिखाए। बड़ी माली (मुख्य कुश्ती) का खिताब नेबू (भटियात) ने अपने नाम किया, जबकि पुरुषोत्तम (कोटला) उपविजेता रहे। विजेता नेबू को 3,100 रुपये नकद और स्टील की बाल्टी पुरस्कार के रूप में दी गई, जबकि उपविजेता पुरुषोत्तम को 2,100 रुपये नकद और स्टील की बाल्टी से सम्मानित किया गया।
दूसरी माली में सोनू (बिलासपुर) ने खिताब जीता, जबकि अजय (गोली) उपविजेता रहे। विजेता को 2,100 रुपये और उपविजेता को 1,100 रुपये नकद के साथ स्टील की बाल्टी पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई। देर रात तक चले इस दंगल में क्षेत्र और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मेले का शुभारंभ और आयोजन
मेले का आयोजन चफ्फड़ गांव के दो भाइयों लाल सिंह और शेर सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत लखदाता बाबा की पूजा-अर्चना से हुई। मुख्य अतिथि तारागढ़ पंचायत की बीडीसी सदस्य रीना देवी ने फीता काटकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। मेला समिति के प्रधान लाल सिंह और शेर सिंह ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने दंगल प्रतियोगिताओं का आनंद लिया और विजेताओं को बधाई दी।
स्थानीय संस्कृति का प्रतीक
लखदाता छिंज मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह स्थानीय परंपराओं और सामुदायिक एकता को मजबूत करने का भी माध्यम है। इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लखदाता छिंज मेला कहां आयोजित हुआ?
यह मेला चम्बा जिले के भटियात उपमंडल के ककीरा क्षेत्र के चफ्फड़ गांव में आयोजित हुआ।
बड़ी माली का खिताब किसने जीता?
बड़ी माली का खिताब नेबू (भटियात) ने जीता, जबकि पुरुषोत्तम (कोटला) उपविजेता रहे।
विजेताओं को क्या पुरस्कार मिले?
बड़ी माली के विजेता को 3,100 रुपये और स्टील की बाल्टी, उपविजेता को 2,100 रुपये और स्टील की बाल्टी दी गई। दूसरी माली के विजेता को 2,100 रुपये और उपविजेता को 1,100 रुपये नकद व स्टील की बाल्टी मिली।
मेले का आयोजन किसने किया?
मेले का आयोजन चफ्फड़ गांव के दो भाइयों लाल सिंह और शेर सिंह ने किया।