मामले की शुरुआत
चंबा जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) की शिकायत करने के बहाने एक ठेकेदार के खिलाफ दुराचार का झूठा आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी गई। यह घटना मेडिकल कॉलेज चंबा से जुड़ी है, जहां तीन महिला कर्मचारियों ने ठेकेदार और उसके मुंशी पर गंभीर आरोप लगाए।
उषा का बयान
सोमवार को उषा नामक एक अन्य महिला कर्मचारी ने सदर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 11 जून को मेडिकल कॉलेज में काम करने वाली तीन महिला कर्मचारियों ने उनसे कहा कि उनका EPF पैसा खाते में नहीं जमा हो रहा है और वे इसकी शिकायत पुलिस में करेंगी। उषा भी उनके साथ महिला थाना गईं, लेकिन वहां तीनों महिलाओं ने ठेकेदार के खिलाफ दुराचार करने की शिकायत दर्ज करवा दी।
गिरफ्तारी और पछतावा
पुलिस ने शिकायत के आधार पर ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया, जो वर्तमान में जेल में बंद है। उषा ने बताया कि जब उन्हें झूठी शिकायत का पछतावा हुआ, तो उन्होंने तीनों महिलाओं से शिकायत वापस लेने को कहा, लेकिन तीनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
आरोपों का खंडन
उषा ने स्पष्ट कहा कि ठेकेदार और उनके मुंशी गुलजार और आशिक मोहम्मद पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन से गुलजार और आशिक मोहम्मद उन्हें ढूंढ रहे हैं। उषा ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
FAQ
चंबा में क्या मामला सामने आया है?
चंबा में तीन महिला कर्मचारियों ने EPF की शिकायत करने के बहाने ठेकेदार के खिलाफ दुराचार का झूठा आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी।
पीड़ित ठेकेदार की वर्तमान स्थिति क्या है?
ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और वह जेल में बंद है।
उषा ने पुलिस को क्या ज्ञापन सौंपा?
उषा ने सदर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि ठेकेदार पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और उन्होंने शिकायत वापस लेने की मांग की।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।