मुख्य तथ्य
भारत में जनगणना 2027 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हो चुकी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है, जिसमें देश की पूरी आबादी को शामिल किया जाएगा। यह आठवीं जनगणना है जो स्वतंत्रता के बाद हो रही है, और 15 साल के अंतराल के बाद हो रही है, जबकि सामान्यतः यह हर 10 साल में होती है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी।
जनगणना के दो चरण
जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में देशभर के हर घर की स्थितियों, सुविधाओं और संपत्तियों के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरे चरण में शिक्षा, प्रवासन, प्रजनन और जाति जैसी महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय जानकारी ली जाएगी।
जनगणना का महत्व
जनगणना का डेटा सरकारी योजनाओं, वित्त आयोग के फंड आवंटन, और निजी निवेश के लिए आवश्यक है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121 करोड़ थी, जो 2001 की तुलना में 17.7% अधिक थी। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अनुसार 2025 में भारत की जनसंख्या 146 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, और 2027 की जनगणना में 25-30 करोड़ की वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है।
जाति और महिला आरक्षण पर प्रभाव
इस बार जनगणना में पहली बार जाति का प्रश्न शामिल किया गया है, जो सामाजिक न्याय और आरक्षण नीतियों के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा। साथ ही, नए परिसीमन के लिए जनगणना डेटा का उपयोग किया जाएगा, जिससे विधायिका में महिलाओं के लिए 33% आरक्षित सीटें निर्धारित होंगी।
डिजिटल डेटा संग्रह और स्व-गणना
पहली बार जनगणना में डिजिटल डेटा संग्रह किया जा रहा है। स्व-गणना की सुविधा 15 दिनों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध थी, जिसमें एक करोड़ से अधिक परिवारों ने भाग लिया। हालांकि, यह अनिवार्य नहीं है, और गणनाकर्ता हर घर जाएंगे। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
जनगणना 2027 का नारा
इस बार जनगणना का नारा 'हमारी जनगणना, हमारा विकास' है, जो पिछली बार के 'हमारी जनगणना, हमारा भविष्य' से अलग है। यह विकास पर जोर देता है।
FAQ
Census 2027 के दो चरण क्या हैं?
पहले चरण में घरेलू स्थितियों, सुविधाओं और संपत्तियों की जानकारी ली जाएगी। दूसरे चरण में शिक्षा, प्रवासन, प्रजनन और जाति जैसी जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जाएगी।
Census 2027 में जाति का डेटा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहली बार है जब जनगणना में जाति का प्रश्न शामिल किया गया है। इससे आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों के लिए व्यवस्थित डेटा उपलब्ध होगा।
क्या जनगणना में भाग लेना अनिवार्य है?
हाँ, जनगणना में भाग लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है। हालांकि, स्व-गणना ऑनलाइन वैकल्पिक है, लेकिन गणनाकर्ता हर घर जाएगा।
Census 2027 का महिला आरक्षण से क्या संबंध है?
नए परिसीमन के लिए जनगणना डेटा का उपयोग किया जाएगा, जिससे विधायिका में महिलाओं के लिए 33% आरक्षित सीटें निर्धारित होंगी।
Source: www.thehindu.com