मुख्य तथ्य
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी के उम्मीदवार राजनेश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट निर्विरोध चुने गए। यह चुनाव तब हुआ जब कांग्रेस नेता मीना कुमारी नटराजन का नामांकन स्क्रूटनी के दौरान खारिज कर दिया गया था। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की चोरी' और 'धोखा' बताया।
विस्तृत जानकारी
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया और उन्हें विधानसभा परिसर में प्रमाण पत्र प्रदान किए। ये तीनों उन 22 उम्मीदवारों में शामिल थे जो द्विवार्षिक चुनावों में निर्विरोध चुने गए।
महेश केवट ने पार्टी संगठन को अपने उत्थान का श्रेय देते हुए कहा, 'यह केवल भाजपा में ही संभव है कि बुंदेलखंड का एक छोटा कार्यकर्ता राज्यसभा सांसद बन गया।'
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन मीना कुमारी नटराजन की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पीटीआई को बताया, 'जब चोरी हुई है, और इसमें हर कोई शामिल है - न केवल राज्य, बल्कि केंद्र सरकार भी... चुनाव आयोग भी...'
अन्य राज्यों में भी राज्यसभा चुनाव निर्विरोध हुए। राजस्थान में भाजपा के सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध चुने गए। कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान के साथ भाजपा के एम नागराज भी निर्विरोध चुने गए। अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के ताई तागाक, आंध्र प्रदेश में एनडीए के चारों उम्मीदवार, गुजरात में भाजपा के चारों उम्मीदवार, मणिपुर में पूर्व भाजपा अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी, ओडिशा में देवाशीष समंतराय और मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी के जेम्स संगमा निर्विरोध चुने गए।
यदि चुनाव की आवश्यकता होती तो मतदान 18 जून को होता, लेकिन उम्मीदवारों की संख्या रिक्तियों के बराबर होने के कारण मतदान अनावश्यक हो गया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- भाजपा ने मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की।
- कांग्रेस नेता मीना कुमारी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
- देशभर में कुल 22 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कौन-कौन से उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए?
भाजपा के राजनेश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए।
कांग्रेस नेता मीना कुमारी नटराजन का नामांकन क्यों खारिज हुआ?
मीना कुमारी नटराजन का नामांकन स्क्रूटनी के दौरान खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन मीना कुमारी नटराजन की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई।
अन्य राज्यों में राज्यसभा चुनाव के क्या परिणाम रहे?
राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा और मेघालय में भी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
स्रोत: www.hindustantimes.com