मुख्य तथ्य
बुधवार को विजयपुरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रमेश जिगाजिनागी ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रियांक खड़गे में गृह मंत्रालय चलाने की बौद्धिक क्षमता नहीं है और वह केवल अपने पिता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की लंबी सेवा के कारण मंत्री बने हैं।
विवरण
जिगाजिनागी ने कहा, “प्रियांक खड़गे को अपने विभाग के मामलों और राज्य में शांति सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि RSS जैसे अप्रासंगिक मुद्दे उठाने चाहिए।” उन्होंने सवाल किया कि RSS को पंजीकृत कराने से वह क्या हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने RSS को परेशान करने की कोशिश की, वे टिक नहीं पाए।
BJP सांसद ने आगे कहा, “मैं प्रियांक खड़गे से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। वह RSS के पंजीकरण की आवश्यकता पर सवाल क्यों उठा रहे हैं? यह गृह मंत्री का काम नहीं है। RSS से जुड़ा कोई भी मुद्दा एक दलित के लिए कैसे प्रासंगिक है? मुझे इस पर बहुत बुरा लगता है।”
उन्होंने प्रियांक खड़गे को सलाह दी कि वह RSS के बारे में भूल जाएं और आम आदमी से उस संगठन के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
जिगाजिनागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई केंद्रीय मंत्रालयों ने विजयपुरा जिले में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि जारी की है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रियांक खड़गे ने RSS को अपंजीकृत संगठन बताते हुए उसे पंजीकृत कराने की आवश्यकता पर सवाल उठाया था। BJP ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह घटना कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और केंद्र की BJP सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
- प्रियांक खड़गे के RSS पर बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
- BJP ने इसे कांग्रेस की राष्ट्रविरोधी सोच का उदाहरण बताया है।
FAQ
प्रियांक खड़गे ने RSS पर क्या टिप्पणी की थी?
प्रियांक खड़गे ने RSS को एक अपंजीकृत संगठन बताते हुए उसे पंजीकृत कराने की आवश्यकता पर सवाल उठाया था।
BJP सांसद रमेश जिगाजिनागी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि प्रियांक खड़गे में गृह मंत्रालय चलाने की बौद्धिक क्षमता नहीं है और वह केवल अपने पिता के कारण मंत्री बने हैं।
रमेश जिगाजिनागी ने प्रियांक खड़गे को क्या सलाह दी?
उन्होंने कहा कि प्रियांक खड़गे को RSS के बारे में भूल जाना चाहिए और अपने विभाग के कामों पर ध्यान देना चाहिए।