प्रमुख तथ्य
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्रियों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने इसे बुनियादी ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और शासन में परिवर्तनकारी बताया। साथ ही, 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने की नींव रखने का श्रेय भी सरकार को दिया।
विस्तार से जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी 10 जून, 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने 4,399 दिन पूरे किए। पिछले 12 वर्षों में सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को लगभग समाप्त कर दिया, कल्याणकारी योजनाओं में क्रांति लाई, JAM ट्रिनिटी और UPI का निर्माण किया, रेल, सड़क और हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को बढ़ाया, भारत की रक्षा और परमाणु नीति को नया रूप दिया, और पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंधूर से लिया। सरकार ने महामारी और तीन वैश्विक युद्धों का भी सामना किया।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का 'महिला नेतृत्व वाला विकास' मॉडल महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, "'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से लेकर उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन और 12 करोड़ से अधिक शौचालयों तक, महिलाओं की गरिमा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।" शाह ने यह भी कहा कि महिलाओं को मुद्रा जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ा गया और 'लखपति दीदी' तथा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' जैसी पहलों से सशक्त बनाया गया।
बुनियादी ढांचे और सुरक्षा में प्रगति
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत में 'उल्लेखनीय परिवर्तन' हुआ है, जिसमें बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, विनिर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा में प्रगति शामिल है। उन्होंने सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों के विस्तार का उल्लेख किया और कहा कि भारत एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले 12 वर्षों को 'परिवर्तनकारी अवधि' बताया, जिसमें समावेशी कल्याण, बेहतर शासन और बुनियादी ढांचे का विकास हुआ।
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मोदी 'न केवल सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले, बल्कि सबसे अच्छे प्रधानमंत्री' हैं, जिन्होंने देश में '360 डिग्री परिवर्तन' लाया है।
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोदी को बधाई दी और कहा कि उन्होंने शहरी परिवहन में बदलाव की नई परिभाषा लिखी है, जिसमें मेट्रो नेटवर्क 1,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है और भारत तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन गया है।
- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई कई पहलों और सुशासन उपायों का लाभ उठाकर विकसित भारत का निर्माण किया जाना चाहिए।
- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष विश्वास, विकास, सुशासन और जन कल्याण से चिह्नित हैं, और भारत ने पीएम के नेतृत्व में एक नए युग में प्रवेश किया है।
- गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, "पीएम मोदी के कार्यकाल में 'अखंड भारत' का सपना साकार हुआ; अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के साथ जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग बन गया। नक्सल मुक्त और आतंकवाद मुक्त भारत बनाना उनके कार्यकाल की दूसरी बड़ी उपलब्धि है, और राम मंदिर का निर्माण तीसरी है।"
- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने महिला-केंद्रित पहलों पर ध्यान केंद्रित किया और कहा कि पिछले 12 वर्षों में महिलाएं नेता, उद्यमी और राष्ट्र निर्माण में समान भागीदार बनकर उभरी हैं।
प्रभाव और आगे की राह
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार के 4,399 दिनों के कार्यकाल को 'स्वर्णिम युग' बताया और कहा कि इस अवधि में अभूतपूर्व विकास और कल्याणकारी उपाय देखने को मिले। "सरकार ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की मजबूत नींव रखी है," उन्होंने कहा।
FAQ
PM मोदी ने कितने दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की?
PM मोदी ने 10 जून 2026 तक 4,399 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की, जो भारत के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड है।
मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां क्या हैं?
प्रमुख उपलब्धियों में महिला सशक्तिकरण योजनाएं (बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, लखपति दीदी), 12 करोड़ से अधिक शौचालय निर्माण, UPI और JAM ट्रिनिटी, रक्षा और परमाणु नीति में सुधार, और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई शामिल हैं।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य क्या है?
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए मोदी सरकार ने मजबूत नींव रखी है।
स्रोत: www.hindustantimes.com