मुख्य तथ्य
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में हुई क्रॉस वोटिंग के मामले में प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल को 23 जून को दिल्ली बुलाया है। पार्टी हाईकमान इस घटनाक्रम से नाखुश है और सूत्रों के अनुसार राज्य नेतृत्व में फेरबदल हो सकता है।
विस्तार से जानकारी
BJP ने शुक्रवार (19 जून) को MLC सी.टी. रवि की अध्यक्षता में एक तथ्य जांच समिति का गठन किया, जिसमें एन. महेश और महेश टेंगिनाकायी सदस्य हैं। यह समिति उन विधायकों की पहचान करेगी जिन्होंने पार्टी के निर्देश के विपरीत मतदान किया। गौरतलब है कि विधान परिषद चुनाव में गुप्त मतदान होता है, जिससे क्रॉस वोटिंग की पुष्टि करना चुनौतीपूर्ण है।
क्रॉस वोटिंग की संख्या पर विरोधाभास
गुरुवार (18 जून) को आर. अशोक ने क्रॉस वोट करने वालों की संख्या तीन बताई थी, जबकि शुक्रवार को विजयेंद्र ने इसे बढ़ाकर चार से पांच कर दिया। इससे संकेत मिलता है कि JD(S) उम्मीदवार को वोट देने के लिए आवंटित किए गए कुछ BJP विधायकों ने भी क्रॉस वोट किया।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
BJP उम्मीदवार लिंगराज पाटिल को 30 विधायकों के वोट आवंटित किए गए थे, लेकिन उन्हें केवल 27 वोट मिले, जो तीन क्रॉस वोटर्स का संकेत है। वहीं, JD(S) उम्मीदवार को 18 में से केवल 14 वोट मिले, जिससे JD(S) ने माना कि उनके चार विधायकों ने क्रॉस वोट किया। हालांकि, BJP ने पहले दावा किया था कि उनके वोट JD(S) उम्मीदवार को ट्रांसफर हो गए, जिसका अर्थ है कि JD(S) के आठ विधायकों ने क्रॉस वोट किया। विजयेंद्र ने अब इसे चार से पांच बताया है।
शिराहट्टी से BJP विधायक चंद्रू लामानी, जो JD(S) उम्मीदवार को वोट देने के लिए आवंटित थे, ने दावा किया कि उन्होंने और कृष्णा नायक ने ईमानदारी से NDA उम्मीदवार को वोट दिया। उन्होंने मीडिया पर अनुचित अटकलें लगाने का आरोप लगाया।
विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में विभाजन पैदा करने के लिए क्रॉस वोटर्स के नामों की अटकलें लगा रही है। उन्होंने चेतावनी दी, "पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। तथ्य जांच समिति उन्हें उजागर करेगी और उसके बाद पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी।"
पृष्ठभूमि और संभावित कारण
सूत्रों के अनुसार, BJP ने राज्यसभा चुनाव में हुबली से वी. नागराज को मैदान में उतारा था, जिससे बेलगावी के नेता नाराज थे। विधान परिषद की सीट भी हुबली को गई, जिससे असंतोष बढ़ा। यह क्रॉस वोटिंग का एक कारण हो सकता है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- BJP हाईकमान ने कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग को गंभीरता से लिया है और राज्य नेतृत्व में बदलाव संभव है।
- तथ्य जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही कार्रवाई स्पष्ट होगी।
- यह घटना आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की एकता पर सवाल उठाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कितने BJP विधायकों ने क्रॉस वोट किया?
BJP प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने क्रॉस वोट करने वालों की संख्या चार से पांच बताई है, जबकि विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने पहले तीन कहा था।
क्रॉस वोटिंग की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए?
BJP ने MLC सी.टी. रवि की अध्यक्षता में तथ्य जांच समिति गठित की है, जिसमें एन. महेश और महेश टेंगिनाकायी सदस्य हैं।
क्या क्रॉस वोटिंग के लिए विधायकों पर कार्रवाई होगी?
पार्टी सूत्रों के अनुसार गुप्त मतदान होने के कारण व्यक्तिगत विधायकों की पहचान मुश्किल है, लेकिन विजयेंद्र ने सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।