मुख्य तथ्य
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) की खदानों से बड़ी मात्रा में कोयला गायब होने के आरोपों की सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने BJP की तथ्य-खोज टीम को खदान क्षेत्रों में जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
BJP का आरोप: सरकार सच्चाई दबा रही है
हैदराबाद में BJP राज्य कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए, राव ने पुलिस द्वारा BJP विधायक दल के नेता ए. महेश्वर रेड्डी, विधायकों और एमएलसी के एक प्रतिनिधिमंडल को SCCL खदानों का दौरा करने से रोके जाने की निंदा की। यह दौरा लगभग 45 लाख मीट्रिक टन कोयले के गायब होने की रिपोर्टों के संबंध में तथ्यों का पता लगाने के लिए था।
मुख्यमंत्री पर निशाना
राव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी को झूठे प्रचार के माध्यम से निशाना बना रहे हैं, ताकि सिंगरेनी में कथित अनियमितताओं से ध्यान भटकाया जा सके और सच्चाई को सामने आने से रोका जा सके।
केंद्र की भूमिका पर स्पष्टीकरण
राव ने कहा कि SCCL में नियुक्तियों या स्थानांतरण में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि जी. किशन रेड्डी ने अपनी क्षमता में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कथित घोटाले की जांच की मांग की थी।
सरकार से सवाल
BJP नेता ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो यात्रा में बाधा क्यों डाली गई? उन्होंने मांग की कि सरकार कथित कोयला चोरी के पीछे के तथ्यों का खुलासा करे।
शिक्षा क्षेत्र की आलोचना
राव ने राज्य सरकार की सरकारी स्कूलों में 'नो एडमिशन' बोर्ड लगाने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे 'हास्यास्पद' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां BRS सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा की, वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार लगातार उपेक्षा के माध्यम से व्यवस्था को और कमजोर कर रही है।
केंद्रीय विद्यालयों से तुलना
राव ने जानना चाहा कि राज्य के सरकारी स्कूल केंद्र द्वारा वित्त पोषित केंद्रीय विद्यालयों (KV) के समान छात्रों को आकर्षित करने में असमर्थ क्यों हैं, और सरकार पर शैक्षिक मानकों में सुधार करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
विश्वविद्यालयों का मुद्दा
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा उस्मानिया विश्वविद्यालय (OU) के दौरे के दौरान वादा किया गया ₹1,000 करोड़ का फंड अब तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय और वारंगल के काकतीय विश्वविद्यालय में छात्रावासों के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- सिंगरेनी कोयला घोटाला क्या है? सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) की खदानों से लगभग 45 लाख मीट्रिक टन कोयला गायब होने का आरोप है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है।
- BJP ने क्या आरोप लगाए हैं? BJP का आरोप है कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार सच्चाई दबाने के लिए BJP की तथ्य-खोज टीम को खदानों में जाने से रोक रही है।
- केंद्र सरकार की क्या भूमिका है? BJP के अनुसार, SCCL में नियुक्तियों या स्थानांतरण में केंद्र की कोई भूमिका नहीं है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
स्रोत: www.thehindu.com