प्रमुख तथ्य
हमीरपुर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (उपकेंद्रों) में अब बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) और सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) की ड्यूटी में अनियमितता को रोकने के लिए उठाया है।
विस्तार से जानकारी
जिले में कुल 125 उपकेंद्र संचालित हैं, जहां 122 सीएचओ और एएनएम तैनात हैं। पिछले छह महीनों में सीएमओ डॉ. अलका शुक्ला द्वारा किए गए निरीक्षणों में कई केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए। इससे प्रसूताओं और अन्य मरीजों को प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ता था।
डॉ. शुक्ला ने बताया कि कुछ आरोग्य मंदिरों पर पहले से बायोमीट्रिक मशीन लगी हैं, और शेष पर लगाने की प्रक्रिया जारी है। मशीन लगने के बाद हाजिरी रजिस्टर से मिलान कर वेतन दिया जाएगा, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
प्रभाव और लाभ
- ड्यूटी पर समय पर पहुंचना सुनिश्चित होगा।
- गैरहाजिरी और देरी पर अंकुश लगेगा।
- मरीजों को बेहतर और समय पर सेवा मिलेगी।
- वेतन पारदर्शी तरीके से हाजिरी के आधार पर दिया जाएगा।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है। हमीरपुर के नागरिकों को अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बेहतर उपस्थिति और सेवा की उम्मीद करनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हमीरपुर में कितने आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं?
हमीरपुर जिले में कुल 125 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उपकेंद्र) संचालित हैं।
बायोमीट्रिक हाजिरी से क्या लाभ होगा?
इससे स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी पर नियमितता सुनिश्चित होगी और देर से आने या गैरहाजिर रहने पर अंकुश लगेगा। वेतन भी हाजिरी के आधार पर दिया जाएगा।
यह व्यवस्था कब से लागू होगी?
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं और जिन केंद्रों पर मशीन नहीं है, वहां जल्द ही लगाने की प्रक्रिया चल रही है।