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बिहार सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को लाने का खर्च उठाने का निर्णय लिया

मुख्य तथ्य बिहार सरकार ने शुक्रवार (19 जून, 2026) को घोषणा की कि वह राज्य के बाहर या विदेश में दुर्घटना में मारे गए प्रवासी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके स्थायी निवास स्थान तक…

मुख्य तथ्य

बिहार सरकार ने शुक्रवार (19 जून, 2026) को घोषणा की कि वह राज्य के बाहर या विदेश में दुर्घटना में मारे गए प्रवासी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके स्थायी निवास स्थान तक लाने का खर्च उठाएगी। यह निर्णय प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।

विस्तार से जानकारी

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेन्थिल कुमार ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। उनके साथ श्रम आयुक्त राजेश भारती और विशेष सचिव सुनील कुमार यादव एवं उपेंद्र प्रसाद भी उपस्थित थे। श्री कुमार ने बताया कि सरकार ने दुर्घटना में मारे गए प्रवासी श्रमिकों के कानूनी रूप से निर्धारित आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख करने का भी निर्णय लिया है।

बिहार राज्य प्रवासी श्रमिक दुर्घटना अनुदान योजना

बिहार राज्य प्रवासी श्रमिक दुर्घटना अनुदान योजना के तहत, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 446 लाभार्थियों को ₹8.67 करोड़ की सहायता दी गई, जबकि चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में अब तक 168 लाभार्थियों को ₹3.35 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है।

बिहार प्रवासी श्रमिक ऐप

प्रवासी श्रमिकों पर डेटा एकत्र करने और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा नीतियां तैयार करने के लिए बिहार प्रवासी श्रमिक ऐप लॉन्च किया गया है। श्री कुमार ने बताया कि 10 जून तक इस ऐप पर कुल 6,84,708 प्रवासी श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं।

बाल श्रमिकों का पुनर्वास

विभाग ने पटना, गया और सीतामढ़ी में बचाए गए बाल श्रमिकों के लिए 'विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र' चलाने हेतु एनजीओ प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर के साथ समझौता किया है। श्री कुमार ने बताया कि 2025-26 में कुल 1,054 बाल श्रमिकों को बचाया गया। बचाए गए बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास के लिए, 2026-27 में मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त ₹31.5 लाख को 126 लाभार्थियों के खातों में सावधि जमा के रूप में जमा किया गया। इसके अतिरिक्त, 103 बाल श्रमिकों को ₹3.09 लाख की तत्काल सहायता दी गई। अधिकारी ने बताया कि 166 बाल श्रमिकों के लिए जिला बाल श्रम पुनर्वास-सह-कल्याण कोष में ₹8.30 लाख भी जमा किए गए।

निर्माण श्रमिक कल्याण

निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए गठित बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड वर्तमान में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए 16 कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। बोर्ड में कुल 42,31,405 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से 11,06,086 श्रमिक 2025-26 में पंजीकृत हुए, जबकि 2026-27 में 8 जून तक 4,131 श्रमिक पंजीकृत हुए। श्री कुमार ने बताया कि सरकारी और निजी निर्माण प्रतिष्ठानों से एकत्रित उपकर का उपयोग कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है। 2025-26 के दौरान बोर्ड को उपकर के रूप में ₹755.56 करोड़ प्राप्त हुए, जबकि 8 जून तक ₹115 करोड़ प्राप्त हुए। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत, 2025-26 में 15,48,658 लाभार्थियों को ₹1,119.83 करोड़ की सहायता वितरित की गई, जबकि 10 जून तक 1,287 लाभार्थियों को ₹1.48 करोड़ की सहायता वितरित की गई।

श्रम सेवा सुविधा केंद्र

श्री कुमार ने बताया कि बिहार के नौ प्रभागों में 10 स्थानों पर श्रम सेवा सुविधा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। वर्तमान में, ऐसे केंद्र पटना, कैमूर, सारण, सहरसा और दरभंगा में पूरी तरह से संचालित हैं। ये केंद्र निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा प्रदान करते हैं तथा बोर्ड द्वारा प्रस्तुत कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं।

प्रभाव

इन कदमों से प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और दुर्घटना की स्थिति में उन्हें राहत मिलेगी। बाल श्रमिकों के पुनर्वास और निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदम राज्य में श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाएंगे।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

  • प्रवासी श्रमिकों के परिवार अब दुर्घटना में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को लाने का खर्च सरकार से प्राप्त कर सकते हैं।
  • अनुग्रह राशि बढ़कर ₹4 लाख हो गई है, जिससे आश्रितों को अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
  • बिहार प्रवासी श्रमिक ऐप पर पंजीकरण करके श्रमिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
  • निर्माण श्रमिक बोर्ड की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए श्रम सेवा सुविधा केंद्रों पर संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सरकार प्रवासी श्रमिकों के लिए क्या नई योजना लेकर आई है?

सरकार ने घोषणा की है कि वह राज्य के बाहर या विदेश में दुर्घटना में मारे गए प्रवासी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके स्थायी निवास स्थान तक लाने का खर्च उठाएगी।

दुर्घटना में मारे गए प्रवासी श्रमिकों के आश्रितों को कितनी अनुग्रह राशि दी जाएगी?

अनुग्रह राशि को बढ़ाकर ₹2 लाख से ₹4 लाख कर दिया गया है।

बिहार में कितने निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं?

बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में कुल 42,31,405 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं।

बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

2025-26 में 1,054 बाल श्रमिकों को बचाया गया और उनके पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹31.5 लाख जमा किए गए।

स्रोत: www.thehindu.com

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