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Bidar: दो पंचायत विकास अधिकारी लापरवाही के आरोप में निलंबित

प्रमुख तथ्य कर्नाटक के बीदर जिले में दो पंचायत विकास अधिकारियों (PDO) को कर्तव्य में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी…

प्रमुख तथ्य

कर्नाटक के बीदर जिले में दो पंचायत विकास अधिकारियों (PDO) को कर्तव्य में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश बड़ोले द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत की गई।

विस्तार से जानकारी

पहला मामला: रमेश बीरप्पा

हुमनाबाद तालुक के सिथलगेरा ग्राम पंचायत के PDO रमेश बीरप्पा को फरवरी में निम्बूर गांव में पेयजल स्रोतों और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के रखरखाव में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया। उन पर पंचायत खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के बावजूद एक ग्राम पंचायत सदस्य के बकाया मानदेय के लिए चेक जारी करने का भी आरोप था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।

दूसरा मामला: अब्दुल रजाक

बसवकल्याण तालुक के मुदबी ग्राम पंचायत के PDO अब्दुल रजाक को MGNREGA योजना के कार्यान्वयन में अनियमितताओं के लिए निलंबित किया गया। जांच में पाया गया कि उन्होंने MGNREGA के तहत जारी धनराशि के व्यय विवरण को निर्धारित अवधि में नहीं निपटाया और वित्तीय लेन-देन को ठीक से संभाला नहीं। लगभग 34 लाख रुपये के फंड ट्रांसफर ऑर्डर बनाए जाने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और ट्रेजरी में जमा नहीं किए गए।

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

निलंबन आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारी निलंबन अवधि में बिना पूर्व अनुमति के अपने मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। उन्हें कर्नाटक सिविल सेवा नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा। यह कार्रवाई प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह घटना ग्रामीण विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और अनुशासन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय निकायों में वित्तीय प्रबंधन और सेवा वितरण में सुधार के लिए ऐसी कार्रवाइयां आवश्यक हैं।

FAQ

किन आरोपों में PDO को निलंबित किया गया?

रमेश बीरप्पा पर पेयजल स्रोतों के रखरखाव में लापरवाही और बिना पर्याप्त धनराशि के चेक जारी करने का आरोप था, जबकि अब्दुल रजाक पर MGNREGA योजना में अनियमितताओं का आरोप था।

निलंबित अधिकारियों के नाम क्या हैं?

निलंबित अधिकारी रमेश बीरप्पा (सिथलगेरा ग्राम पंचायत) और अब्दुल रजाक (मुदबी ग्राम पंचायत) हैं।

निलंबन के दौरान अधिकारियों पर क्या पाबंदियां हैं?

निलंबन अवधि में वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते और उन्हें कर्नाटक सिविल सेवा नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा।

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