मामले की पृष्ठभूमि
मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के धनोटू क्षेत्र के भौर गांव में अवैध शराब बिक्री के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस प्रकरण की जांच थाना प्रभारी सुंदरनगर कमलकांत को सौंप दी है। पुलिस के अनुसार, सोमवार रात गुप्त सूचना के आधार पर भौर स्थित एक चिकन कॉर्नर में छापा मारा गया, जहां से अवैध शराब बरामद हुई। इसके बाद एक व्यक्ति के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस पर दबाव के आरोप
पुलिस का आरोप है कि छापेमारी के बाद स्थानीय पंचायत प्रधान चंद्रमणि, नागेंद्र पाल और चार-पांच अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कथित तौर पर पुलिस टीम पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज न करने का अनुचित दबाव बनाया। पुलिस कर्मियों को धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में इन सभी के खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच की दिशा
डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
इस घटना ने भौर और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, पंचायत प्रधान के समर्थकों का कहना है कि पुलिस ने एकतरफा आरोप लगाए हैं और जांच में सच्चाई सामने आएगी।
FAQ
भौर में अवैध शराब बिक्री का मामला क्या है?
सोमवार रात गुप्त सूचना पर पुलिस ने भौर स्थित एक चिकन कॉर्नर में छापा मारा, जहां से अवैध शराब बरामद हुई। एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पंचायत प्रधान पर क्या आरोप हैं?
पुलिस के अनुसार, छापे के बाद पंचायत प्रधान चंद्रमणि और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज न करने का दबाव बनाया, साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डाली।
इस मामले की जांच कौन करेगा?
मामले की जांच अब थाना प्रभारी सुंदरनगर कमलकांत करेंगे। डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।