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बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर नई टोल प्रणाली से व्यापारियों में चिंता

मुख्य तथ्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बेंगलुरु-मैसूर एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे (119 किमी) पर नई टोल प्रणाली लागू करने की योजना बना रहा है। इसके तहत मौजूदा फिक्स टोल प्लाजा की जगह कई टोल पॉइंट बनाए…

मुख्य तथ्य

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बेंगलुरु-मैसूर एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे (119 किमी) पर नई टोल प्रणाली लागू करने की योजना बना रहा है। इसके तहत मौजूदा फिक्स टोल प्लाजा की जगह कई टोल पॉइंट बनाए जाएंगे, जहां वाहन चालकों से तय दूरी के आधार पर टोल वसूला जाएगा।

व्यापारियों की चिंता

इस बदलाव से हाइवे के एंट्री-एक्जिट पॉइंट्स के पास स्थित व्यवसायों (होटल, रेस्तरां, पेट्रोल पंप, कमर्शियल बिल्डिंग) में चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर एंट्री-एक्जिट पॉइंट बदले या बंद हुए तो उनके ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आएगी।

अनिल कुमार का उदाहरण

अनिल कुमार ने निडाघट्टा एंट्री-एक्जिट पॉइंट से 350 मीटर दूर दो साल पहले रेस्तरां खोला था। उन्होंने कहा, "हमने अपनी बचत इस उम्मीद में लगाई थी कि यह एक्सेस पॉइंट बना रहेगा। अब सुनने में आ रहा है कि कुछ पॉइंट बदले या बंद हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो हमारा कारोबार चौपट हो जाएगा।"

गणेश आर. का अनुभव

बायरपटना गांव के पास कमर्शियल बिल्डिंग बनाने वाले गणेश आर. ने बताया कि हाल ही में एंट्री पॉइंट बंद होने से किराएदारों की संख्या घट गई है। उन्होंने कहा, "मैंने करोड़ों रुपये लगाए थे क्योंकि यह जगह हाइवे के करीब थी। अब अनिश्चितता से व्यापार प्रभावित हो रहा है।"

व्यापारियों की मांग

पेट्रोल पंप और कन्वीनियंस स्टोर चलाने वाले महेश के.एन. ने कहा, "हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन NHAI को हितधारकों से बात करनी चाहिए। अगर एक्सेस पॉइंट बदलते हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था दें ताकि हमारा निवेश सुरक्षित रहे।"

आगे क्या?

NHAI ने अभी तक नई टोल प्रणाली की अंतिम रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की है। व्यापारी संगठनों ने प्राधिकरण से बातचीत की मांग की है। देखना होगा कि NHAI इन चिंताओं का समाधान कैसे करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • NHAI बेंगलुरु-मैसूर हाइवे पर क्या नई टोल प्रणाली लागू करने जा रहा है? NHAI 119 किमी लंबे इस हाइवे पर कई टोल प्लाजा बनाकर दूरी के आधार पर टोल वसूलने की योजना बना रहा है, जिससे मौजूदा फिक्स टोल प्रणाली बदल जाएगी।
  • नई टोल प्रणाली से व्यापारियों को कैसे नुकसान हो सकता है? एंट्री-एक्जिट पॉइंट बदलने या बंद होने से हाइवे से जुड़े व्यवसायों (रेस्तरां, होटल, पेट्रोल पंप) में ग्राहकों की आवक घट सकती है, जिससे भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है।
  • व्यापारियों ने NHAI से क्या मांग की है? व्यापारियों ने NHAI से मौजूदा निवेश की सुरक्षा और वैकल्पिक एक्सेस पॉइंट उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि उनके व्यवसाय हाइवे ट्रैफिक से अलग न हो जाएं।

स्रोत: www.thehindu.com

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