प्रमुख तथ्य
ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) ने हेरोहल्ली उप-मंडल (बेंगलुरु पश्चिम शहर निगम) की सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) K.S. मंजुला को अवैध खाता रूपांतरण के आरोप में निलंबित कर दिया है। इस घोटाले से नगर निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
पूरा मामला
यह कार्रवाई एक जांच के बाद हुई है जिसमें मंजुला की एक बड़े अवैध खाता पंजीकरण घोटाले में सीधी संलिप्तता पाई गई। यह मामला पूर्व बेंगलुरु दक्षिण जिला भाजपा अध्यक्ष और पूर्व पार्षद एन.आर. रमेश की शिकायत पर सामने आया।
शिकायत में क्या था?
शिकायत में आरोप लगाया गया कि मंजुला ने नियमों का उल्लंघन करते हुए एक अनधिकृत लेआउट में 50 से अधिक व्यक्तिगत प्लॉटों के लिए अवैध 'A-खाता' और 'e-खाता' जारी किए। ये संपत्तियां हेरोहल्ली गांव, यशवंतपुर होबली के सर्वे नंबर 56/1 के तहत स्थित हैं।
जांच में क्या खुलासा हुआ?
नगर निगम अधिकारियों द्वारा की गई जांच में गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई। जांच में राज्य के 'e-आस्थि' इलेक्ट्रॉनिक संपत्ति पंजीकरण प्लेटफॉर्म में हेरफेर पाया गया। मंजुला ने कथित तौर पर पूरी तरह से असंबंधित संपत्तियों के डिजिटल प्रॉपर्टी आईडी (ePID) का उपयोग करके धोखाधड़ीपूर्ण म्यूटेशन किए।
विस्तृत धोखाधड़ी
दिसंबर 2024 में मूल भूमि मालिक B.H. गंगैया की मृत्यु के बाद, उनके कानूनी उत्तराधिकारियों ने 2025 में पारिवारिक वृक्ष हस्तांतरण (पोठी खाता) के लिए आवेदन किया। मूल संपत्ति रिकॉर्ड को अपडेट करने के बजाय, ARO ने कथित तौर पर 'BEECHBS' और 'Priyadarshini' जैसे पूरी तरह से अलग नामों पर पंजीकृत 76 मौजूदा ePID को अवैध रूप से बदल दिया और उन्हें बिना वैध शीर्षक दस्तावेजों के गंगैया के उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित कर दिया।
नियमों का उल्लंघन
मंजुला ने तत्कालीन BBMP मुख्य आयुक्त के एक सर्कुलर को भी दरकिनार किया, जो बिना प्रशासनिक मंजूरी के खातों के अनधिकृत उपविभाजन या विभाजन पर रोक लगाता है।
प्रभाव और कार्रवाई
GBA ने मंजुला को KCS (CCA) नियम, 1957 के नियम 10 के तहत निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। साथ ही, GBA ने अपनी राजस्व टीम को स्थानीय पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (धोखाधड़ी), 338 (जालसाजी), और लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के तहत शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह घोटाला संपत्ति पंजीकरण प्रणाली में गंभीर खामियों को उजागर करता है।
- नागरिकों को अपनी संपत्ति के रिकॉर्ड की नियमित जांच करनी चाहिए।
- प्राधिकरण ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
K.S. मंजुला पर क्या आरोप हैं?
उन पर अवैध खाता रूपांतरण और पंजीकरण करके नगर निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
यह घोटाला कैसे सामने आया?
पूर्व भाजपा नेता एन.आर. रमेश की शिकायत के बाद जांच में यह घोटाला उजागर हुआ।
मंजुला पर क्या कानूनी कार्रवाई होगी?
उन्हें निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच के साथ-साथ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है।