मुख्य जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर (मंडी) ने जून माह के दूसरे पखवाड़े के लिए कृषि एडवाइजरी जारी की है। इसमें बासमती धान की रोपाई का उचित समय 20 से 30 जून और अन्य किस्मों का 7 जुलाई तक बताया गया है। यह एडवाइजरी कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के निर्देशानुसार तैयार की गई है।
विस्तृत जानकारी
केंद्र प्रभारी एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. पंकज सूद ने बताया कि धान में खरपतवार नियंत्रण के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- रोपाई के 4 दिन बाद प्रीटिलाक्लोर (सेफनर के साथ) 65 ग्राम प्रति बीघा का प्रयोग करें।
- रोपाई के 7 दिन बाद सेफनर के बिना प्रीटिलाक्लोर का प्रयोग किया जा सकता है।
- 4-5 दिन के भीतर 2.4 किलोग्राम मैचटी दानेदार दवा प्रति बीघा डालें।
- सीधी बिजाई या रोपाई के 25-30 दिन बाद बाइस्पाईरीबैक 10 ईसी (नोमनीगोल्ड) 16 ग्राम प्रति बीघा का छिड़काव करें।
प्रभाव और सुझाव
इन उपायों से धान की फसल में खरपतवार का प्रभावी नियंत्रण होगा, जिससे उपज में वृद्धि होगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय पर ही रोपाई करें और खरपतवार नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक सुझावों का पालन करें।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
मक्की के साथ दलहन की मिश्रित खेती में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 48 घंटे के भीतर स्टाम्प दवा 360 मिलीलीटर प्रति बीघा, 60 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। यह उपाय फसल को खरपतवार से बचाने में कारगर है।
FAQ
बासमती धान की रोपाई का सही समय क्या है?
बासमती धान की रोपाई का उचित समय 20 से 30 जून तक है। अन्य किस्मों की रोपाई 7 जुलाई तक की जा सकती है।
धान में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?
रोपाई के 4 दिन बाद प्रीटिलाक्लोर (सेफनर के साथ) 65 ग्राम प्रति बीघा या 7 दिन बाद सेफनर के बिना प्रयोग करें। इसके अलावा 4-5 दिन में 2.4 किलोग्राम मैचटी दानेदार दवा प्रति बीघा डालें। 25-30 दिन बाद बाइस्पाईरीबैक 10 ईसी 16 ग्राम प्रति बीघा का छिड़काव भी प्रभावी है।
मक्की के साथ दलहन की मिश्रित खेती में खरपतवार नियंत्रण कैसे करें?
बुवाई के 48 घंटे के भीतर स्टाम्प दवा 360 मिलीलीटर प्रति बीघा, 60 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
Source: www.amarujala.com