प्रमुख तथ्य
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार जाहिद उर रहमान को रविवार (14 जून, 2026) को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक लिया। वे हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) की वरिष्ठ अधिकारियों की 28वीं बैठक में भाग लेने के लिए ढाका से दिल्ली आए थे।
पूरी घटना
सूत्रों के अनुसार, जब रहमान इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचे तो अधिकारियों ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए उन्हें रोक दिया। जब उन्होंने कारण पूछा तो अधिकारियों ने कहा कि सब कुछ ठीक है और वे कुछ विवरण जांच रहे हैं। ढाका के एक सूत्र ने बताया, "इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा पूछताछ और व्यवहार शिष्टाचार से कम था। उन्हें राज्य मंत्री के दर्जे के बावजूद अन्य यात्रियों के साथ सोफे पर बैठाया गया।" लगभग दो घंटे की प्रतीक्षा के बाद रहमान को सूचित किया गया कि उन्हें प्रवेश की अनुमति है, लेकिन वे निराश होकर उसी रात ढाका लौट गए।
भारत का रुख
भारतीय अधिकारियों ने कहा कि रहमान को उनके पिछले भारत विरोधी बयानों के कारण 'सत्यापन' के लिए रोका गया था। एक अधिकारी ने कहा, "वे IORA बैठक के लिए दिल्ली आए थे, लेकिन भारत के बारे में उनके पिछले बयानों को देखते हुए उन्हें सत्यापन के लिए रोका गया।" अधिकारियों ने यह भी बताया कि रहमान के यूट्यूब कार्यक्रमों और भारत की आलोचना के लगभग दस पृष्ठों की समीक्षा की गई। अंततः उन्हें एक बार की छूट दी गई, लेकिन तब तक वे लौटने का निर्णय ले चुके थे।
बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रहमान से बात की और विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इस घटना को 'खेदजनक' बताया। ढाका ने भारतीय उच्चायोग के उप प्रमुख पवन बढ़े को तलब किया। रहमान को कोलंबो के रास्ते वापस जाना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा 12 घंटे से अधिक लंबी हो गई।
जाहिद उर रहमान कौन हैं?
जाहिद उर रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार हैं और उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है। वे 17 फरवरी को गठित प्रधानमंत्री की सलाहकार टीम के दस सदस्यों में से एक हैं। इस टीम में पांच युवा सलाहकार (राज्य मंत्री दर्जा) और पांच वरिष्ठ सलाहकार (पूर्ण मंत्री दर्जा) शामिल हैं।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह घटना भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव को दर्शाती है।
- रहमान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मुखर आलोचक रहे हैं।
- भारत ने इसे नियमित इमिग्रेशन प्रक्रिया बताया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जाहिद उर रहमान को दिल्ली हवाई अड्डे पर क्यों रोका गया?
उन्हें उनके पिछले भारत विरोधी बयानों के कारण इमिग्रेशन जांच के लिए रोका गया था।
जाहिद उर रहमान कौन हैं?
वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार हैं, जिन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
इस घटना के बाद बांग्लादेश ने क्या कदम उठाया?
बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायोग के उप प्रमुख पवन बढ़े को तलब किया और विदेश मंत्री ने इसे 'खेदजनक' बताया।
क्या जाहिद उर रहमान को अंततः प्रवेश की अनुमति मिली?
हां, दो घंटे की जांच के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति दी गई, लेकिन वे निराश होकर वापस लौट गए।
स्रोत: www.thehindu.com