मुख्य तथ्य
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की आगामी चीन और मलेशिया यात्रा से भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध प्रभावित नहीं होंगे। एक सरकारी सूत्र ने बुधवार (17 जून 2026) को यह स्पष्ट किया। सूत्र ने कहा कि ढाका-दिल्ली संबंधों की अपनी गतिशीलता और आवश्यकताएं हैं, जो अपने आप में महत्वपूर्ण हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब खबरें हैं कि 17 फरवरी को सत्ता में आए रहमान अगले सप्ताह अपनी पहली विदेश यात्रा पर मलेशिया और चीन जाएंगे। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री रहमान जुलाई में भारत आने पर विचार कर रहे हैं।
विस्तार से
सरकारी सूत्र ने जोर देकर कहा, “बांग्लादेश का भारत के साथ संबंध किसी अन्य देश से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। हम लगभग 4,000 किमी की सीमा साझा करते हैं और कोई भी भारत द्वारा बांग्लादेश के लिए किए जाने वाले कार्यों की जगह नहीं ले सकता।” उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को संबंधों में सकारात्मक गति बनाए रखनी चाहिए, जो अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से उथल-पुथल में हैं।
पिछले सप्ताह, भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल के भूमि सीमा के रास्ते बांग्लादेश पहुंचे और उन्होंने संवाद के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया। हालांकि, बांग्लादेश संसद में मुख्य विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी ने ढाका और चटगांव में रैलियां निकालीं और त्रिवेदी के बयान पर विरोध जताया। सरकारी सूत्र ने इस विवाद के लिए सोशल मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “उन्होंने संवाद के माध्यम से दोनों देशों के लोगों को करीब लाने की बात कही थी।”
प्रभाव और आगे की राह
प्रधानमंत्री रहमान के 25 या 26 जून तक मलेशिया और चीन से लौटने की उम्मीद है। तब तक उच्चायुक्त त्रिवेदी ढाका में अपनी नई भूमिका में स्थापित हो जाएंगे, जिससे दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता को औपचारिक रूप देने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री के माध्यम से रहमान को निमंत्रण पत्र भेजा था। मिस्री और लोकसभा अध्यक्ष ने 17 फरवरी को ढाका में रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था। हालांकि, रहमान अब तक दिल्ली नहीं आ सके हैं, जबकि उनके विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और विदेश मामलों के विशेष सलाहकार हुमायूं कोबीर ने अप्रैल के दूसरे सप्ताह में दिल्ली का दौरा किया था।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री की विदेश नीति में भारत को प्राथमिकता बने रहने की उम्मीद है।
- चीन और मलेशिया यात्रा के बाद जुलाई में भारत यात्रा की संभावना है।
- भारत-बांग्लादेश संबंधों में सकारात्मक गति बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या Tarique Rahman की चीन यात्रा से भारत-बांग्लादेश संबंध प्रभावित होंगे?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का भारत से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दोनों देशों के बीच 4,000 किमी की सीमा साझा है और भारत बांग्लादेश के लिए अपूरणीय भूमिका निभाता है।
Tarique Rahman भारत कब आ सकते हैं?
BNP सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री रहमान जुलाई में भारत आ सकते हैं, चीन और मलेशिया की यात्रा के बाद।
भारत के नए उच्चायुक्त Dinesh Trivedi ने क्या संदेश दिया?
उच्चायुक्त त्रिवेदी ने संवाद के माध्यम से दोनों देशों के लोगों को करीब लाने की बात कही। उन्होंने मतभेदों को वार्ता से सुलझाने पर जोर दिया।