बैजनाथ मेला 2026: तैयारियों को लेकर बैठक
बैजनाथ (कांगड़ा) के ऐतिहासिक शिव मंदिर में सावन माह के सोमवार के मेलों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर न्यास ने इस सप्ताह एक समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें सरकारी विभागों के प्रतिनिधि और ट्रस्ट के सदस्य शामिल होंगे। एसडीएम संकल्प गौतम, जो मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त भी हैं, ने बताया कि बैठक में मेले के आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी।
मेले की तिथियां और व्यवस्थाएं
इस बार सावन माह में चार सोमवार के मेले होंगे। पहला मेला 20 जुलाई 2026 को और अंतिम मेला 10 अगस्त 2026 को आयोजित होगा। प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु जलहरी के माध्यम से पूरे दिन पवित्र शिवलिंग पर जल अर्पित कर सकेंगे। हालांकि, चारों सोमवार को पुजारियों के अलावा किसी भी श्रद्धालु को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
स्टॉल और स्नान की व्यवस्था
मंदिर न्यास डाकघर के समीप स्टॉल लगाने के लिए अगले तीन दिनों में बिक्री शुरू करेगा। व्यापारी 10 अगस्त तक ही स्टॉल लगा सकेंगे। इसके अलावा, बिनवा खड्ड के किनारे स्थित खीर गंगा घाट पर स्नान के लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे।
सजावट और सुरक्षा
प्रत्येक सोमवार को मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं को बारिश से बचाने के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगाए जाएंगे। मंदिर के बाहर सुबह और दोपहर भंडारे का आयोजन होगा। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
FAQ
बैजनाथ मेला 2026 में कितने सोमवार होंगे?
इस बार सावन माह में चार सोमवार के मेलों का आयोजन होगा। पहला मेला 20 जुलाई और अंतिम 10 अगस्त को होगा।
क्या श्रद्धालु गर्भगृह में जा सकेंगे?
नहीं, चारों सोमवार को पुजारियों के अतिरिक्त किसी भी श्रद्धालु को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालु जलहरी के माध्यम से शिवलिंग पर जल अर्पित कर सकेंगे।
स्टॉल कब से लगाए जा सकेंगे?
मंदिर न्यास द्वारा डाकघर के समीप स्टॉलों की बिक्री अगले तीन दिन में शुरू हो जाएगी। व्यापारी 10 अगस्त तक ही स्टॉल लगा सकेंगे।