प्रमुख तथ्य
तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में ऊमेराबाद पुलिस ने एक दो माह की बच्ची को ₹4.6 लाख नकद में बेचने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को नामक्कल के एक दंपति को बेचा गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बच्ची की माँ एस. जबीना (35), रशीद अहमद (50), पुघल (45), उमा महेश्वरी (32), मोहम्मद अल्लाउद्दीन (62) और रमेश (43) शामिल हैं। उमा महेश्वरी को छोड़कर, जो सेलम के एक निजी अस्पताल में नर्स है, बाकी सभी दलाल हैं जिन्होंने जबीना को अपनी बच्ची बेचने के लिए राजी किया।
पूरी घटना
बच्ची को प्राप्त करने वाला दंपति सतीश और हरिणी नामक्कल के रहने वाले हैं। रशीद अहमद ने जबीना को, जो अम्बुर के पास भीख माँगती है, अपनी बच्ची बेचने के लिए राजी किया। इसके बाद अहमद ने अन्य दलालों से संपर्क किया और उमा महेश्वरी को बच्ची के बारे में सूचित किया।
पुलिस ने बताया कि जबीना के पति शब्बीर अहमद, जो विकलांग हैं, को इस बिक्री के बारे में पता चला और उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची को गिरोह से बरामद कर लिया और उसे अम्बुर में माता-पिता को सौंप दिया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को तिरुपत्तूर उप-जेल में भेज दिया गया है। जाँच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बच्ची को कितने रुपये में बेचा गया था?
बच्ची को ₹4.6 लाख नकद में बेचा गया था।
बच्ची को कहाँ से बरामद किया गया?
बच्ची को नामक्कल से बरामद कर तिरुपत्तूर लाया गया।
क्या आरोपियों में बच्ची की माँ भी शामिल है?
हाँ, बच्ची की माँ एस. जबीना भी आरोपियों में शामिल है।
स्रोत: www.thehindu.com