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बाबा कांशीराम के पौत्र ने जयंती समारोह का किया बहिष्कार, स्मारक न खुलने पर जताया रोष

मुख्य तथ्य कांगड़ा जिले के देहरागोपीपुर में ‘पहाड़ी गांधी’ के नाम से विख्यात बाबा कांशीराम की 144वीं जयंती पर 11 जुलाई को हमीरपुर में आयोजित समारोह का उनके पौत्र विनोद शर्मा ने बहिष्कार कर दिया…

मुख्य तथ्य

कांगड़ा जिले के देहरागोपीपुर में 'पहाड़ी गांधी' के नाम से विख्यात बाबा कांशीराम की 144वीं जयंती पर 11 जुलाई को हमीरपुर में आयोजित समारोह का उनके पौत्र विनोद शर्मा ने बहिष्कार कर दिया है। विनोद शर्मा बाबा कांशीराम अकादमी से जुड़े हैं और उन्होंने सरकार पर स्मारक को जनता के लिए न खोलने का आरोप लगाया है।

बहिष्कार का कारण

विनोद शर्मा ने भाषा और संस्कृति विभाग के निमंत्रण के लिए आभार जताया, लेकिन कहा कि बाबा कांशीराम के सम्मान से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी के कारण वे समारोह में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि बाबा कांशीराम का पैतृक घर परिवार द्वारा बिना किसी आर्थिक लाभ के भाषा और संस्कृति विभाग को दान दिया गया था। सरकार ने इस भवन के संरक्षण और जीर्णोद्धार पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन निर्माण पूरा होने के तीन वर्ष बाद भी इसे जनता के लिए नहीं खोला गया।

सरकार पर आरोप

विनोद शर्मा ने आरोप लगाया कि भवन का लोकार्पण लगातार टाला जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने फरवरी के बाद उद्घाटन का आश्वासन दिया था, जबकि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी इस संबंध में भरोसा दिलाया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। भवन के रखरखाव की अनदेखी से परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और दीवारों पर सीलन के निशान दिखने लगे हैं।

प्रशासन को शिकायत

विनोद शर्मा ने बताया कि उन्होंने भाषा और संस्कृति विभाग के निदेशक और जिला भाषा अधिकारी धर्मशाला को मामले से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार स्मारक का लोकार्पण कर इसे शीघ्र जनता को समर्पित करे और वहां तुरंत केयरटेकर नियुक्त किया जाए।

बहिष्कार जारी रहेगा

विनोद शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक बाबा कांशीराम के स्मारक का लोकार्पण नहीं होता, तब तक उनका बहिष्कार जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा कांशीराम के पौत्र ने जयंती समारोह का बहिष्कार क्यों किया?

उन्होंने बाबा कांशीराम के पैतृक घर को स्मारक के रूप में न खोले जाने और सरकार द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने के कारण बहिष्कार किया।

स्मारक को खोलने में कितना समय हो गया है?

निर्माण कार्य पूरा होने के लगभग तीन वर्ष बाद भी स्मारक को आम जनता के लिए नहीं खोला गया है।

सरकार ने स्मारक पर कितना खर्च किया?

सरकार ने इस ऐतिहासिक भवन के संरक्षण और जीर्णोद्धार पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए।

बहिष्कार कब तक जारी रहेगा?

विनोद शर्मा ने कहा कि जब तक स्मारक का लोकार्पण नहीं होता, तब तक बहिष्कार जारी रहेगा।

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