मुख्य बातें
असम कैबिनेट ने 13 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है। यह कदम अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को आधार प्राप्त करने से रोकने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी।
विस्तार से जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधार कार्ड जारी करने का आंकड़ा संतृप्ति बिंदु पर पहुंच गया है। कुछ जिलों में यह 100% से भी अधिक हो गया है, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि अवैध प्रवासी अतिरिक्त आधार कार्ड प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक आधार कार्ड न प्राप्त कर सके।
अपवाद और समयसीमा
हालांकि, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आधार कार्ड मिलता रहेगा। इसके अलावा, चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजाति के लोगों को भी फिलहाल आधार जारी किया जाएगा, क्योंकि उनमें से कई को अभी तक आधार नहीं मिला है। लेकिन 1 अप्रैल 2027 से यह छूट भी समाप्त हो जाएगी, और इन समुदायों के 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी आधार नहीं दिया जाएगा।
असाधारण मामलों की प्रक्रिया
असाधारण मामलों में, जिला आयुक्त को राज्य सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजना होगा, जिसके बाद सरकार यह तय करेगी कि आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि केवल वैध नागरिकों को ही आधार मिले।
प्रभाव और महत्व
यह निर्णय असम में अवैध आप्रवासन पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री सरमा पहले भी कह चुके हैं कि राज्य सरकार आधार कार्ड जारी करने में बहुत सख्ती बरतेगी। पिछले वर्ष उन्होंने संकेत दिया था कि वयस्कों के लिए आधार कार्ड जारी करने के नियमों को और कड़ा किया जाएगा।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को अब आधार कार्ड नहीं मिलेगा, सिवाय असाधारण मामलों के जहां जिला आयुक्त की सिफारिश पर राज्य सरकार अनुमति दे।
- 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आधार मिलता रहेगा।
- चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजाति के लोगों को 1 अप्रैल 2027 तक आधार मिल सकता है, उसके बाद नहीं।
- यह कदम अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को आधार प्राप्त करने से रोकने के लिए है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
असम सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र वालों को आधार कार्ड क्यों नहीं देने का फैसला किया?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, कुछ जिलों में आधार कार्ड जारी होने का आंकड़ा 100% पार कर गया है, जिससे संदेह है कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासी अतिरिक्त आधार कार्ड ले रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य ऐसे प्रवासियों को आधार प्राप्त करने से रोकना है।
क्या आधार कार्ड जारी करने पर पूरी तरह से रोक लग गई है?
नहीं, फिलहाल 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आधार कार्ड मिलता रहेगा। साथ ही, चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजाति के लोगों को भी आधार जारी किया जाएगा, लेकिन 1 अप्रैल 2027 से इन समुदायों के 18 वर्ष से अधिक उम्र वालों को भी आधार नहीं मिलेगा।
असाधारण मामलों में आधार कार्ड कैसे मिलेगा?
असाधारण मामलों में जिला आयुक्त को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजना होगा, जिसके बाद सरकार तय करेगी कि आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं।
स्रोत: www.thehindu.com