Desh Duniya | Andhra Pradesh

एएसआई को नल्लामाला टाइगर रिजर्व में 25 शिलालेख और प्राचीन शैलचित्र मिले

मुख्य तथ्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एपिग्राफी शाखा ने नल्लामाला टाइगर रिजर्व में एक व्यापक सर्वेक्षण के दौरान 25 शिलालेख और प्राचीन शैलचित्र खोजे हैं। ये शिलालेख लगभग 1,400 वर्षों के इतिहास को कवर…

मुख्य तथ्य

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एपिग्राफी शाखा ने नल्लामाला टाइगर रिजर्व में एक व्यापक सर्वेक्षण के दौरान 25 शिलालेख और प्राचीन शैलचित्र खोजे हैं। ये शिलालेख लगभग 1,400 वर्षों के इतिहास को कवर करते हैं, जो दूसरी शताब्दी ईस्वी से 16वीं शताब्दी ईस्वी तक के हैं।

विस्तृत जानकारी

एएसआई मैसूर के एपिग्राफी निदेशक के. मुनिरत्नम रेड्डी ने बताया कि सर्वेक्षण दल ने तीन दिनों में 25 शिलालेखों का दस्तावेजीकरण किया। पहले दिन (11 जून, 2026) को गंगाराम पेंटा, मीटोंटा, पलितला, पोन्नलबावी और जिल्लालपाडुगु गांवों से आठ शिलालेख कॉपी किए गए, जो 7वीं से 16वीं शताब्दी ईस्वी के बीच तेलुगु भाषा में लिखे गए थे।

दूसरे दिन (12 जून, 2026) को कल्याणी चालुक्य, पोटापी चोल, काकतीय और विजयनगर काल के 10 शिलालेख मिले, जो कन्नड़ और तेलुगु लिपियों में 11वीं से 16वीं शताब्दी ईस्वी के बीच के हैं। तीसरे दिन (13 जून, 2026) को सात और शिलालेख मिले, जिनमें दुर्लभ सातवाहन अभिलेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में शामिल हैं।

प्राचीन शैलचित्र

सर्वेक्षण के दौरान कृष्णा नदी के तट पर अलाटम के पास एक शैलाश्रय में प्राचीन शैलचित्र भी पाए गए। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, ये महापाषाण और प्रारंभिक ऐतिहासिक चित्र लगभग 1500 ईसा पूर्व के हैं, जो 3,500 वर्ष से अधिक पुराने हैं।

प्रभाव और महत्व

ये खोजें आंध्र प्रदेश के प्राचीन इतिहास, शिलालेखों और सांस्कृतिक विरासत को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। श्री रेड्डी ने आंध्र प्रदेश सरकार, उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण और वन अधिकारियों का सर्वेक्षण दल को सहायता देने के लिए आभार व्यक्त किया।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • ये शिलालेख सातवाहन, पूर्वी चालुक्य, कल्याणी चालुक्य, पोटापी चोल, काकतीय, रेड्डी और विजयनगर साम्राज्य जैसे प्रमुख राजवंशों से संबंधित हैं।
  • शैलचित्र मानव गतिविधि के 3,500 वर्ष से अधिक पुराने प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
  • सर्वेक्षण नल्लामाला टाइगर रिजर्व और येर्रागोंडापालेम क्षेत्र के दुर्गम स्थानों में किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नल्लामाला टाइगर रिजर्व में कितने शिलालेख मिले?

एएसआई की टीम ने तीन दिनों में 25 शिलालेख दस्तावेज किए।

शिलालेख किस काल के हैं?

ये शिलालेख दूसरी शताब्दी ईस्वी से 16वीं शताब्दी ईस्वी तक के हैं, जिनमें सातवाहन, पूर्वी चालुक्य, कल्याणी चालुक्य, पोटापी चोल, काकतीय, रेड्डी और विजयनगर साम्राज्य शामिल हैं।

शैलचित्र कितने पुराने हैं?

प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, ये शैलचित्र लगभग 1500 ईसा पूर्व (3500 वर्ष से अधिक पुराने) हैं।

ये खोजें कहाँ हुईं?

ये खोजें आंध्र प्रदेश के नल्लामाला टाइगर रिजर्व और येर्रागोंडापालेम क्षेत्र में हुईं।

स्रोत: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

Trump Announces Middle East Peace Deal Signing on Sunday, Strait of Hormuz to Reopen

Key Facts US President Donald Trump announced on Saturday that a long-awaited peace deal with Iran will be signed on Sunday, June…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

नाइजीरिया में बंदूकधारियों ने किसानों पर किया हमला, 17 की मौत, 13 घायल

मुख्य तथ्य नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य ज़मफारा में शुक्रवार को बंदूकधारियों ने खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला कर दिया।…

शशि थरूर ने us पर साधा निशाना: ओमान हमले में भारतीय नाविकों की मौत पर कोई संवेदना नहीं

Key Facts Congress MP Shashi Tharoor has strongly criticized the United States for its official response to the killing of three Indian…

नैहाटी नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे पर रेप सहित कई गंभीर आरोप, गिरफ्तार

प्रमुख तथ्य पश्चिम बंगाल के नैहाटी शहर में नगर पालिका अध्यक्ष अशोक चटर्जी के बेटे अविजीत चटर्जी को नैहाटी पुलिस ने कई…