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Chamba: आशा कार्यकर्ताओं ने नियमितीकरण की मांग को लेकर पीएम को भेजा ज्ञापन

मुख्य तथ्य चंबा जिले में आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले अपनी लंबित मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। देशभर में 10 लाख…

मुख्य तथ्य

चंबा जिले में आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले अपनी लंबित मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। देशभर में 10 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ता केंद्र सरकार से नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग कर रही हैं।

ज्ञापन और मांगें

जिला अध्यक्ष सुलक्षणा, उपाध्यक्ष आरपी ठाकुर, प्रीतो देवी, चंपा देवी, डिंपल शर्मा, कंचन कुमारी, लता देवी और अनुपा कुमारी सहित कई सदस्यों ने उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें शामिल थीं:

  • नियमित कर्मचारी का दर्जा प्रदान करना
  • मासिक वेतन 18,000 से 36,000 रुपये निर्धारित करना
  • वार्षिक वेतनवृद्धि और पदोन्नति की व्यवस्था
  • समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करना
  • ईपीएफ, कर्मचारी राज्य बीमा, पेंशन और चिकित्सा सुविधा जैसी सामाजिक सुरक्षा लाभ देना

स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान

आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इनमें टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता जागरूकता और अन्य जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाएं शामिल हैं। बावजूद इसके, उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

चेतावनी और आगे की रणनीति

महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आशा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि वे अपनी आवाज को और मजबूती से उठाएंगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

आशा कार्यकर्ता देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं। उनके नियमितीकरण से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। यह मुद्दा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से उठा है, लेकिन इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशा कार्यकर्ता कौन होते हैं?

आशा (Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने वाली महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता होती हैं, जो टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें क्या हैं?

उनकी मुख्य मांगों में नियमित कर्मचारी का दर्जा, 18,000 से 36,000 रुपये मासिक वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, पदोन्नति, ईपीएफ, ईएसआई, पेंशन और चिकित्सा सुविधा शामिल हैं।

ज्ञापन किसे भेजा गया?

ज्ञापन उपायुक्त चंबा के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।

यदि मांगें नहीं मानी गईं तो क्या होगा?

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आशा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगी।

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