मुख्य बिंदु
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) की अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने शुक्रवार (12 जून, 2026) को टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के दो साल पूरे होने पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने सरकार के कार्यकाल को 'टूटे वादे, बढ़ता कर्ज और कमजोर शासन' का दौर बताया।
विस्तार से
शर्मिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “सरकार अपनी प्रमुख 'सुपर सिक्स' कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही है। महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, बेरोजगारी भत्ता, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, मुफ्त LPG सिलेंडर, किसान कल्याण योजनाएं और शैक्षिक सहायता जैसे प्रमुख वादे या तो आंशिक रूप से लागू किए गए हैं या अधूरे रह गए हैं।”
उन्होंने सरकार पर कई घोषणापत्र वादों को पूरा करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया, जिनमें रोजगार सृजन, ब्याज मुक्त ऋण, गरीबों के लिए आवास, भूमि वितरण, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए कल्याणकारी उपाय और बटाईदार किसानों के लिए समर्थन शामिल हैं। प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं, जिनमें पोलावरम और अन्य लंबित जल परियोजनाएं शामिल हैं, में बहुत कम प्रगति हुई है।
प्रभाव और आगे की राह
शर्मिला ने कहा कि सरकार ने बिजली शुल्क वृद्धि, फीस प्रतिपूर्ति बकाया, आरोग्यश्री के तहत स्वास्थ्य देखभाल प्रतिपूर्ति और बढ़ती ईंधन कीमतों के माध्यम से नागरिकों पर वित्तीय बोझ बढ़ाया है। मुफ्त शिक्षा, क्षेत्रीय विकास, गांव के बुनियादी ढांचे, पत्रकारों के लिए आवास और जलीय कृषि क्षेत्र के लिए समर्थन से संबंधित वादे भी काफी हद तक अधूरे रह गए।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के खिलाफ विपक्ष की यह आलोचना राजनीतिक माहौल को गर्म कर सकती है।
- 'सुपर सिक्स' योजनाओं की विफलता का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है, खासकर महिलाओं, किसानों और बेरोजगार युवाओं पर।
- आगामी चुनावों में ये मुद्दे अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
AP Congress ने TDP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
AP Congress chief Y.S. Sharmila ने TDP-led coalition government पर 'टूटे वादे, बढ़ता कर्ज और कमजोर शासन' का आरोप लगाया और कहा कि 'Super Six' कल्याणकारी योजनाएं विफल रही हैं।
'Super Six' योजनाओं में क्या शामिल है?
'Super Six' में महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, बेरोजगारी भत्ता, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, मुफ्त LPG सिलेंडर, किसान कल्याण योजनाएं और शैक्षिक सहायता शामिल हैं।
Y.S. Sharmila ने किन मुद्दों को उठाया?
उन्होंने बिजली शुल्क वृद्धि, फीस प्रतिपूर्ति बकाया, आरोग्यश्री के तहत स्वास्थ्य देखभाल प्रतिपूर्ति, बढ़ती ईंधन कीमतों और पोलावरम जैसी सिंचाई परियोजनाओं में प्रगति की कमी का मुद्दा उठाया।
Source: www.thehindu.com