प्रमुख तथ्य
तिरुवनंतपुरम में मंगलवार को द हिंदू के पूर्व ब्यूरो प्रमुख एस. अनिल राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर एक स्मृति सभा का आयोजन किया गया। परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और दिवंगत पत्रकार को भावनात्मक रूप से तटस्थ और तथ्यात्मक रूप से मजबूत बताते हुए उन्हें अनुकरणीय मॉडल करार दिया।
पुस्तक विमोचन
इस अवसर पर पत्रकार टी.पी. गायत्री द्वारा लिखित पुस्तक 'इला रेखाकल' (पत्ती रेखाचित्र) का विमोचन किया गया। गायत्री को अनिल राधाकृष्णन स्मृति फेलोशिप प्रदान की गई थी। यह पुस्तक मुन्नार की महिला चाय बागान श्रमिकों के जीवन पर गहराई से प्रकाश डालती है, जिसमें भेदभाव, पितृसत्ता और अनुचित श्रम प्रथाओं के खिलाफ उनके दैनिक संघर्ष को दर्शाया गया है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- अनिल फेलोशिप समिति के अध्यक्ष एम. विजयकुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
- राज्य योजना बोर्ड की पूर्व सदस्य मिनी सुकुमार ने पुस्तक का परिचय दिया और महिलाओं, विशेषकर श्रम क्षेत्र में उनके लंबे संघर्षों के संदर्भ में इसे रखा।
- केसरी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष शिलर स्टीफन, पूर्व राजभवन पीआरओ एस.डी. प्रिंस, केयूडब्ल्यूजे राज्य समिति सदस्य सुरेश वेल्लीमंगलम, जनम टीवी के प्रधान संपादक प्रदीप पिल्लई, केसरी ट्रस्ट सचिव अनुपमा जी. नायर, पर्यटन उद्यमी पी.आई. दिलीप कुमार, द हिंदू के केरल रेजिडेंट संपादक एस. आनंदन और दिवंगत अनिल राधाकृष्णन की पत्नी एस.एस. सिंधु ने भी विचार व्यक्त किए।
प्रभाव और महत्व
यह आयोजन पत्रकारिता के उच्च मानकों और सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालने वाली रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने का एक प्रयास है। अनिल राधाकृष्णन की विरासत को जीवित रखने के लिए फेलोशिप और पुस्तक विमोचन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
पाठकों के लिए सारांश
यह स्मृति सभा न केवल एक वरिष्ठ पत्रकार को श्रद्धांजलि थी, बल्कि महिला श्रमिकों के मुद्दों को उजागर करने वाली एक महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन भी था। यह घटना पत्रकारिता और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
FAQ
अनिल राधाकृष्णन कौन थे?
अनिल राधाकृष्णन द हिंदू अखबार के तिरुवनंतपुरम में ब्यूरो प्रमुख थे, जो अपनी भावनात्मक रूप से तटस्थ और तथ्यात्मक रूप से मजबूत रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे।
'इला रेखाकल' पुस्तक किस बारे में है?
यह पुस्तक पत्रकार टी.पी. गायत्री द्वारा लिखित है, जो मुन्नार की महिला चाय बागान श्रमिकों के जीवन, भेदभाव, पितृसत्ता और अनुचित श्रम प्रथाओं के खिलाफ उनके संघर्ष पर केंद्रित है।
इस आयोजन का आयोजन किसने किया?
इस स्मृति सभा का आयोजन अनिल राधाकृष्णन के परिवार और केसरी मेमोरियल जर्नलिस्ट्स ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
स्रोत: www.thehindu.com