मुख्य तथ्य
आंध्र विश्वविद्यालय (Andhra University) के 1976-78 बैच के पूर्व छात्रों ने शनिवार को 'गोल्डन जुबली रीयूनियन फ्रेंड्स' के बैनर तले कैंपस का दौरा किया। यह आयोजन उनकी पढ़ाई के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया। विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना 1926 में हुई थी, ने इस वर्ष 26 अप्रैल को अपनी शताब्दी पूरी की।
आयोजन का विवरण
पूर्व छात्रों के समूह में पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व प्रधान सचिव पी. रमेश कुमार और मेघालय सरकार के पूर्व पुलिस महानिदेशक एम.आर. विजय कुमार जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल थे। इनके अलावा कई अन्य प्रसिद्ध हस्तियां भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
कैंपस यात्रा और कार्यक्रम
पूर्व छात्रों ने कला एवं विज्ञान महाविद्यालयों में स्थित अपने पुराने छात्रावासों—नागार्जुन, सातवाहन, साधर्म सदन और बालयोगी रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल का दौरा किया। इसके बाद वे अपने-अपने विभागों में गए, जहां उन्होंने कक्षाओं का पुनर्भ्रमण किया और अपने छात्र जीवन की यादों को ताजा किया।
सम्मान समारोह
पूर्व छात्रों को वाणिज्य एवं प्रबंधन अध्ययन विभाग के पीटर ड्रकर स्मार्ट सेमिनार हॉल में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया। इसकी अध्यक्षता कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर जलादी रवि ने की।
समापन
अपनी यात्रा के दौरान पूर्व छात्रों ने रजिस्ट्रार कार्यालय का भी दौरा किया और डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने AU@100 इंस्टॉलेशन पर सामूहिक तस्वीरें खिंचवाकर अपनी यात्रा का समापन किया।
पूर्व छात्रों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह आयोजन पूर्व छात्रों को अपने अल्मा मेटर से पुनः जुड़ने और अपने साथियों के साथ पुरानी यादों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही, यह विश्वविद्यालय की शताब्दी वर्ष में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Andhra University की स्थापना कब हुई थी?
Andhra University की स्थापना 1926 में हुई थी और इसने 26 अप्रैल 2026 को 100 वर्ष पूरे किए।
इस आयोजन में कौन-कौन से पूर्व छात्र शामिल हुए?
इसमें पश्चिम बंगाल के पूर्व प्रधान सचिव पी. रमेश कुमार और मेघालय के पूर्व पुलिस महानिदेशक एम.आर. विजय कुमार जैसे पूर्व सिविल सेवक शामिल थे।
पूर्व छात्रों ने कैंपस में क्या-क्या देखा?
उन्होंने अपने पुराने छात्रावासों, विभागों, कक्षाओं का दौरा किया और डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।