मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के आईटी और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने शुक्रवार को कोलकाता में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) द्वारा आयोजित एक सत्र में राज्य में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पश्चिम बंगाल के संभावित निवेशकों से आंध्र प्रदेश के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।
विस्तार से जानकारी
श्री लोकेश ने कहा कि मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने तीन कारण बताए कि क्यों आंध्र प्रदेश को अन्य राज्यों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए: कारोबार की गति, नीतियों की स्थिरता और सरकार का सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करना (न कि नियामक इकाई के रूप में)।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने गुरुवार शाम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उनके विकास के प्रति समर्पण से प्रेरित हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत तभी समृद्ध होगा जब राज्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल होंगे, जिससे सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त होंगे।
श्री लोकेश ने कहा कि भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है क्योंकि दुनिया इसे एक उभरती हुई ताकत के रूप में देख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए सुधारों को लागू करना राज्यों की जिम्मेदारी है, और आंध्र प्रदेश इस मामले में अग्रणी है। राज्य भारत में आने वाले कुल निवेश का 25% आकर्षित करने में सफल रहा है।
आर्थिक लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2047 तक राज्य को 2.40 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
उद्योगपतियों से मुलाकात
इस अवसर पर आईसीसी के अध्यक्ष बृज भूषण अग्रवाल और उपाध्यक्ष केशव भजंका, बिजय अग्रवाल, पार्थिव विक्रम नियोगिया और अन्य उद्योगपति उपस्थित थे। श्री लोकेश ने विशाल अग्रवाल (वीज़ा स्टील), आदित्य अग्रवाल (इमामी ग्रुप) और प्रशांत बंगुर से मुलाकात की।
उन्होंने आईटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी से फसल मूल्य श्रृंखला क्लस्टर, जलवायु-लचीली फसलों, कृषि वानिकी और मॉडल गांवों के विकास में निवेश का अनुरोध किया। श्री पुरी ने बताया कि आईटीसी आंध्र प्रदेश में मसाला प्रसंस्करण, तम्बाकू संयंत्र, कृषि-व्यवसाय केंद्र और आईटी समाधान संचालित कर रहा है, और अपनी सीएसआर योजना के तहत 361 गांवों को मॉडल गांवों में बदल रहा है।
मंत्री ने श्याम मेटलिक्स, सुपर स्मेल्टर्स और रश्मि मेटलिक्स के शीर्ष प्रबंधन कर्मियों से भी मुलाकात की और उन्हें राज्य के औद्योगिक गलियारों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विक्रम सोलर के नेतृत्व के साथ औपचारिक बातचीत की और उनसे पावरहाइव भंडारण क्षमता बढ़ाने और रायलसीमा क्षेत्र में एक एकीकृत सौर केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया।
इसके अलावा, श्री लोकेश ने हिमाद्री केमिकल्स के अनुराग चौधरी से मुलाकात की और उनसे नेल्लोर या चित्तूर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर में क्लीन-टेक या सिलिकॉन-कार्बन एनोड इकाई स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने आईआईटी तिरुपति या आंध्र विश्वविद्यालय के सहयोग से अमरावती में एक उन्नत सामग्री प्रयोगशाला स्थापित करने का सुझाव दिया।
प्रभाव और आगे की राह
आंध्र प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और इसे एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य ने सुधारों को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- आंध्र प्रदेश में निवेश के लिए मुख्य कारण क्या हैं? मंत्री नारा लोकेश के अनुसार, तेज कारोबार, नीतिगत स्थिरता और सरकार को सेवा प्रदाता के रूप में देखना तीन मुख्य कारण हैं।
- आंध्र प्रदेश सरकार का 2047 तक क्या लक्ष्य है? राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक आंध्र प्रदेश को 2.40 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।
- इस निवेश वार्ता में किन प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया? आईटीसी के संजीव पुरी, विशाल अग्रवाल (वीज़ा स्टील), आदित्य अग्रवाल (इमामी), प्रशांत बंगुर (श्री सीमेंट) सहित कई उद्योगपति शामिल हुए।
स्रोत: www.thehindu.com