मुख्य तथ्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 जुलाई को नई दिल्ली में कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में शाह ने स्पष्ट किया कि विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 ईसाई गैर-सरकारी संगठनों के खिलाफ नहीं है। CBCI के सलाहकार जोनाथन लालरेमरुआता ने यह जानकारी दी।
विस्तृत चर्चा
बैठक में मणिपुर में जारी हिंसा पर भी चर्चा हुई। शाह ने कहा कि सरकार स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ईमानदार प्रयास कर रही है और उन्होंने CBCI से क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मांगी। लालरेमरुआता के अनुसार, “मंत्री ने स्पष्ट किया कि मणिपुर में चल रहा तनाव एक जातीय संघर्ष है और इसे सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।”
शाह ने सलाह दी कि चर्च या समुदाय के खिलाफ आक्रामकता के सभी मामलों की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस शिकायत दर्ज करने से इनकार करती है, तो मामला गृह मंत्रालय को सूचित किया जाए।
वित्तीय आंकड़े और आश्वासन
शाह ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पिछले वर्ष देश में आए कुल ₹17,000 करोड़ के विदेशी दान में से लगभग ₹3,000 करोड़ ईसाई संस्थाओं के लिए था। उन्होंने जोर देकर कहा कि विधेयक विदेशी फंडिंग को नियमित करने के लिए है और यह किसी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं है। शाह ने राष्ट्र निर्माण में चर्च के योगदान को भी स्वीकार किया।
बैठक में हैदराबाद के मेट्रोपॉलिटन आर्कबिशप और CBCI के अध्यक्ष एंथोनी कार्डिनल पूला, दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन आर्कबिशप अनिल कूटो, गृह सचिव गोविंद मोहन और FCRA प्रभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
विधेयक में प्रस्तावित एक प्रमुख बदलाव एक 'डिज़ाइनेटेड अथॉरिटी' की नियुक्ति है, जो किसी NGO का FCRA पंजीकरण निलंबित, रद्द या नवीनीकृत न होने पर विदेशी फंड से बनाई गई संपत्तियों को अपने कब्जे में ले सकेगी, उनका प्रबंधन कर सकेगी या उनका निपटान कर सकेगी। इस अथॉरिटी के पास सिविल कोर्ट की शक्तियां होंगी और वह NGO की संपत्तियों को सरकार या किसी अन्य निकाय को हस्तांतरित करने का आदेश दे सकेगी। CBCI ने इस प्रावधान का विरोध किया था, यह कहते हुए कि इसे पूर्वव्यापी रूप से लागू किया जा सकता है।
हालांकि, शाह ने आश्वासन दिया कि विधेयक के प्रावधान पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होंगे। यदि कोई संपत्ति जब्त की गई है, तो प्रभावित पक्ष को अपील करने के लिए 12 महीने का समय मिलेगा।
FAQ
क्या FCRA संशोधन विधेयक ईसाई संगठनों को लक्षित करता है?
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी विशेष धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि विदेशी फंडिंग को नियमित करने के लिए है।
मणिपुर हिंसा पर क्या चर्चा हुई?
शाह ने इसे जातीय संघर्ष बताया और सांप्रदायिक रंग न देने की अपील की। उन्होंने CBCI से शांति स्थापित करने में मदद मांगी।
क्या विधेयक के प्रावधान पूर्वव्यापी होंगे?
गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि विधेयक के प्रावधान पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होंगे।