Desh Duniya | Ambedkar statue vandalism

हापुड़ में बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ने का मामला: पुलिस ने केस दर्ज किया, गांव में तनाव

मुख्य तथ्य उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के घुंगराला गांव और आसपास के इलाकों में शनिवार (13 जून 2026) को तनाव व्याप्त रहा, जब अज्ञात लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर…

मुख्य तथ्य

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के घुंगराला गांव और आसपास के इलाकों में शनिवार (13 जून 2026) को तनाव व्याप्त रहा, जब अज्ञात लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना हाफिजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुबह के समय हुई। ग्रामीणों, विशेषकर दलित समुदाय के लोगों ने घटनास्थल पर धरना देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारियों और स्थानीय टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को दोबारा स्थापित किया और प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। हाफिजपुर थाने के एसएचओ ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया और प्रतिमा को पुनः स्थापित किया गया।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता विकास गौतम ने कहा, “यदि आरोपी नहीं पकड़े गए, तो हम बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।” वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल यादव ने इसे दलित समुदाय को अपमानित करने की सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा, “यह एक पैटर्न है जिसके तहत बीजेपी सरकार द्वारा समर्थित सामंती ताकतें दलित आबादी को हतोत्साहित करने के लिए ऐसे कृत्य करती हैं। बीजेपी शासन में अंबेडकर की प्रतिमाओं पर हमले आम हैं; यह कानून व्यवस्था की पूर्ण विफलता है।”

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता नासिर सलीम ने कहा, “हम हापुड़ में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा की तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं। यह हमारे संविधान में निहित समानता, गरिमा और न्याय के मूल्यों का अपमान है। हम त्वरित, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह करते हैं।”

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि इस तोड़फोड़ का उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि दलितों और हाशिए के समुदायों के प्रतीकों और स्वाभिमान को कुचल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में अंबेडकर की प्रतिमाओं के साथ कम से कम 20 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।

प्रभाव और आगे की राह

इस घटना ने दलित समुदाय में आक्रोश फैला दिया है और राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हापुड़ में अंबेडकर की प्रतिमा कब तोड़ी गई?

यह घटना 13 जून 2026 की सुबह हुई, जब कुछ अज्ञात लोगों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। प्रतिमा को दोबारा स्थापित कर दिया गया है।

विपक्षी दलों ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसे बीजेपी सरकार के तहत दलितों के उत्पीड़न का हिस्सा बताया और त्वरित जांच की मांग की।

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