मुख्य बिंदु
AIADMK के विद्रोही नेता और Mailam विधायक C.Ve. Shanmugam ने रविवार (14 जून, 2025) को पार्टी महासचिव Edappadi K. Palaniswami पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने Palaniswami पर गलतियों को सुधारने से इनकार करने और पार्टी में असंतोष को दबाने का आरोप लगाया।
Shanmugam के आरोप
Tindivanam में पत्रकारों से बात करते हुए Shanmugam ने कहा कि AIADMK की स्थापना इस सिद्धांत पर हुई थी कि कोई भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री, मंत्री या सांसद बन सकता है। यही वजह है कि लाखों लोग इस आंदोलन से जुड़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि AIADMK कोई पारिवारिक पार्टी नहीं, बल्कि कार्यकर्ता-आधारित पार्टी है।
Shanmugam ने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनावों में AIADMK द्वारा जीती गई 41 सीटों में से 31 सीटें PMK की 'भिक्षा' थीं। उन्होंने कहा कि अगर PMK गठबंधन में नहीं होती, तो Palaniswami को संघर्ष करना पड़ता, हालांकि वे जीत जाते।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब एक ही परिवार की चपेट में आ रही है और Palaniswami अपने बेटे के पार्टी में प्रवेश के लिए 'ड्रामा' कर रहे हैं। Shanmugam ने कहा, 'कोई भी राजनीति में आ सकता है, और महासचिव का बेटा भी आ सकता है। इसमें कोई दूसरी राय नहीं है — तो ड्रामा करने की क्या जरूरत है?'
हार के कारणों पर चर्चा की मांग
Shanmugam ने कहा कि पार्टी को पैसे और सत्ता की लालसा के कारण लगातार हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने Palaniswami से आग्रह किया कि वे सभी को साथ लेकर चलें और एक सुविधाजनक तारीख पर सामान्य परिषद की बैठक बुलाकर हार के कारणों पर चर्चा करें। उन्होंने पूछा, 'उन्हें कम से कम कार्यकारी परिषद बुलानी चाहिए, सभी सदस्यों को आमंत्रित करना चाहिए, और हार के कारणों और आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा करनी चाहिए। आप बैठक बुलाने में क्यों हिचकिचा रहे हैं?'
उन्होंने याद दिलाया कि मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, और कोई भी 'अम्मा' (दिवंगत नेता जयललिता) से बड़ा नहीं है, जिन्होंने 1996 में हार के दो साल के भीतर गठबंधन बनाकर शानदार जीत हासिल की थी। Shanmugam ने कहा कि जयललिता ने विरोधी रुख रखने वालों को भी पार्टी में शामिल किया और उन्हें मंत्री बनाया। जब 1996 में पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने एक नेता के रूप में जिम्मेदारी ली। लेकिन आज, लगातार हार के बाद भी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।
चेतावनी
Shanmugam ने पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी कि वे सपनों की दुनिया में न जिएं, MGR (M.G. Ramachandran) द्वारा स्थापित पार्टी की रक्षा करें, और इसे अहंकार के कारण नष्ट न करें। उन्होंने कहा, 'अगर हद से ज्यादा दबाव डाला गया, तो असंतुष्ट कुछ समय के लिए चुप रह सकते हैं, लेकिन अंततः उन्हें अपना रास्ता खुद चुनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।'
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
C.Ve. Shanmugam ने Palaniswami पर क्या आरोप लगाए?
Shanmugam ने Palaniswami पर पार्टी में असंतोष दबाने, परिवारवाद को बढ़ावा देने और हार के कारणों पर चर्चा न करने का आरोप लगाया।
Shanmugam ने 2026 चुनाव में AIADMK की जीत के बारे में क्या कहा?
उन्होंने दावा किया कि AIADMK द्वारा जीती गई 41 में से 31 सीटें PMK के गठबंधन की देन थीं।
Shanmugam ने पार्टी के भविष्य को लेकर क्या चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि अगर असंतोष को दबाया गया तो विद्रोही चुप रह सकते हैं लेकिन अंततः अपना रास्ता खुद चुनने को मजबूर होंगे।