एग्रीस्टैक पोर्टल: किसानों के लिए नई पहचान
ऊना जिले के सभी भूमि मालिकों और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है। कृषि उपनिदेशक ऊना डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि भविष्य में विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं और सब्सिडी का लाभ केवल एग्रीस्टैक पोर्टल से प्राप्त किसान पहचान आईडी के आधार पर ही दिया जाएगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया
पंजीकरण के लिए आवेदक को अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि का खसरा नंबर साथ लेकर नजदीकी लोक मित्र केंद्र जाना होगा। वहां यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध है। इसके अलावा, इच्छुक किसान स्वयं भी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
क्यों जरूरी है पंजीकरण?
डॉ. ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ावा दे रही है। एग्रीस्टैक पोर्टल एक केंद्रीय मंच है जो किसानों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड और योजनाओं को जोड़ेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा।
क्या करें किसान?
- अपने आधार कार्ड और खसरा नंबर की जानकारी रखें।
- नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण कराएं।
- यदि मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण करते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण क्यों जरूरी है?
भविष्य में सरकारी कृषि योजनाओं और लाभों के लिए किसान पहचान आईडी अनिवार्य होगी, जो एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही मिलेगी।
पंजीकरण के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है?
आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि का खसरा नंबर आवश्यक है।
पंजीकरण कहां और कैसे करें?
नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर निःशुल्क पंजीकरण कराया जा सकता है या स्वयं मोबाइल से ऑनलाइन भी किया जा सकता है।