Desh Duniya | Abhishek Banerjee

अभिषेक बनर्जी cid के सामने पेश, विधायकों के हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ जारी

प्रमुख तथ्य तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार (14 जून, 2026) को CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे विधायकों के हस्ताक्षर जालसाजी मामले में दूसरे दौर की पूछताछ…

प्रमुख तथ्य

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार (14 जून, 2026) को CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे विधायकों के हस्ताक्षर जालसाजी मामले में दूसरे दौर की पूछताछ की गई। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़ा है।

विस्तृत जानकारी

CID सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह हुई पूछताछ में बनर्जी के जवाबों से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं थी, जिसके चलते उन्हें दोबारा बुलाया गया। इसके अलावा, CID ने TMC विधायक कुणाल घोष को भी रविवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। एक अधिकारी ने बताया कि संभावना है कि दोनों नेताओं को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए। कुणाल घोष को दोपहर 3 बजे भवान भवन में CID अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।

CID के एक अधिकारी ने कहा, "बनर्जी को मामले से संबंधित कुछ विशिष्ट दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।"

मामले की पृष्ठभूमि

6 मई को TMC विधायकों ने अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर बैठक कर सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता पद के लिए प्रस्तावित किया। बैठक में उपस्थित विधायकों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया। हालांकि, यह औपचारिक प्रस्ताव तुरंत विधानसभा को नहीं सौंपा गया।

13 और 14 मई को TMC विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद, विधानसभा सचिवालय ने पार्टी से अपने उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव मांगा। इसके बाद 19 मई को एक और बैठक हुई, जिसमें 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज चट्टोपाध्याय के समर्थन में विधानसभा सचिवालय को सौंपा गया।

बाद में, TMC विधायकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षरों में विसंगतियां पाए जाने पर सवाल उठे। इस मामले में अंततः FIR दर्ज की गई और CID जांच शुरू हुई। राज्य जांच एजेंसी ने इस सिलसिले में कई विधायकों से पूछताछ की है।

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

इस मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। TMC नेताओं की लगातार पूछताछ से विपक्षी पार्टियां सरकार पर निशाना साध रही हैं। CID जांच में और खुलासे होने की संभावना है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • यह मामला विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
  • CID ने अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया है।
  • जांच में 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अभिषेक बनर्जी से CID क्यों पूछताछ कर रही है?

उन पर विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति के लिए विधायकों के हस्ताक्षर जाली करने का आरोप है।

इस मामले में कितने विधायकों के हस्ताक्षर शामिल हैं?

70 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज विधानसभा सचिवालय को सौंपा गया था, जिसमें विसंगतियां पाई गईं।

क्या कुणाल घोष को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है?

हां, CID ने TMC विधायक कुणाल घोष को भी 14 जून को पूछताछ के लिए तलब किया है।

Follow us on Google News

Explore more

‘There’s a problem at the border’: Rijiju admits delineation issue in Arunachal, rejects C — Himachal briefing

‘There’s a problem at the border’: Rijiju admits delineation issue in Arunachal, rejects C — Himachal briefing HimachalGovt.com has prepared an original…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

INDIA Bloc Unites Against Delimitation Bill, Congress Chief Sapkal Leads Charge

Key Facts The INDIA bloc, a coalition of opposition parties, has come out strongly against the proposed delimitation bill. State Congress chief…

डेटा गोपनीयता: आपकी व्यक्तिगत जानकारी और कुकीज़ का उपयोग कैसे होता है?

डेटा गोपनीयता और आपकी सहमति जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो आपकी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि कुकीज़, डिवाइस पहचानकर्ता और…

डेटा गोपनीयता: जानें कैसे वेबसाइटें आपकी जानकारी का उपयोग करती हैं

डेटा गोपनीयता क्या है? डेटा गोपनीयता का अर्थ है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी को कैसे एकत्र, संग्रहीत और उपयोग किया जाता है।…