प्रमुख तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसदों ने रविवार (14 जून 2026) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की घोषणा की। इसके बाद NCPI ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वह पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी संसदीय पार्टी बन गई है।
विस्तार से जानकारी
NCPI के फेसबुक पोस्ट के अनुसार, पार्टी के पास 20 सांसद हैं, जबकि बीजेपी के 12, टीएमसी के 8 और कांग्रेस के 1 सांसद हैं। पार्टी ने बागी टीएमसी सांसदों की तस्वीरें अपने चुनाव चिह्न के साथ पोस्ट कीं।
NCPI का पंजीकरण 2 फरवरी 2023 को हावड़ा के संकरैल इलाके में हुआ था। पार्टी का मुख्य कार्यालय हटगाछा गांव में है, जहां सोमवार (15 जून) को पुलिस और केंद्रीय बल तैनात किए गए। पार्टी का संचालन उत्तियो कुंडू और उनकी पत्नी शेवली कुंडू कर रहे हैं।
प्रभाव और विश्लेषण
यह विलय दलबदल विरोधी कानून के तहत किया गया है, जिसमें यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद किसी अन्य पार्टी में विलय करते हैं, तो वे अयोग्यता से बच जाते हैं। टीएमसी में 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद विद्रोह देखा गया है, जिसमें 80 में से 60 विधायकों ने अलग गुट बनाकर नेता प्रतिपक्ष चुना है।
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि बागियों का इस पार्टी में स्वागत नहीं है। वहीं, NCPI के महासचिव तितास भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें इस विलय की जानकारी नहीं थी और पार्टी का बीजेपी से कोई संपर्क नहीं था।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- NCPI अब पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी लोकसभा पार्टी है।
- यह विलय दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी रूप से वैध है।
- टीएमसी में आंतरिक कलह जारी है, जिससे राज्य की राजनीति में बदलाव आ सकता है।
FAQ
NCPI क्या है?
NCPI (Nationalist Citizens Party of India) एक पंजीकृत क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पंजीकरण 2 फरवरी 2023 को हुआ था। इसका कार्यालय हावड़ा के हटगाछा गांव में है।
20 TMC सांसदों का NCPI में विलय क्यों हुआ?
दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए सांसदों ने अलग गुट बनाने के बजाय NCPI में विलय का रास्ता चुना। कानून के अनुसार, यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद किसी अन्य पार्टी में विलय करते हैं, तो उन पर अयोग्यता लागू नहीं होती।
NCPI के पास कितने सांसद हैं?
NCPI के पास 20 लोकसभा सांसद हैं, जो पश्चिम बंगाल से सबसे अधिक हैं। बीजेपी के पास 12, टीएमसी के पास 8 और कांग्रेस के पास 1 सांसद है।
स्रोत: www.thehindu.com