मुख्य तथ्य
केरल सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रियदर्शिनी' मुफ्त यात्रा योजना विवादों में घिर गई है। यात्रियों और आलोचकों ने आरोप लगाया है कि केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) द्वारा साधारण बसों को जानबूझकर 'सिटी फास्ट' बसों के रूप में रीब्रांड किया जा रहा है, ताकि योजना के लाभों से बचा जा सके।
विवरण
योजना के अनुसार, पहले चरण (100 दिन) में केवल सात चयनित श्रेणियों की साधारण बसों में ही महिलाओं को मुफ्त यात्रा दी जा रही है। सिटी फास्ट, अंतर-जिला और अंतर-राज्य फास्ट, सुपर फास्ट और लक्जरी बसों को इससे बाहर रखा गया है। तिरुवनंतपुरम शहर में यात्रियों ने आरोप लगाया कि सोमवार को सिटी फास्ट टैग वाली बसों की संख्या रातोंरात बढ़ गई, जिससे कई यात्री योजना का लाभ नहीं उठा पाए। उनका कहना था कि सिटी डिपो के आसपास खड़ी बसों पर सिटी फास्ट स्टिकर चिपका दिए गए, ताकि यात्री मुफ्त यात्रा से वंचित रह जाएं।
अधिकारियों का स्पष्टीकरण
हालांकि, KSRTC अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले चरण में सिटी फास्ट सेवाओं पर योजना लागू नहीं है, और स्टिकर केवल यात्रियों को इन बसों की पहचान करने में मदद करने के लिए लगाए गए हैं। सिटी डिपो अधिकारियों के अनुसार, “डिपो में 34 साधारण बसें हैं, जिनमें से 32 इलेक्ट्रिक और 2 डीजल हैं। सभी पर 'प्रियदर्शिनी मुफ्त यात्रा' स्टिकर लगे हैं। इसके अलावा, 47 सिटी फास्ट बसें पहले की तरह चल रही हैं, और उन पर केवल सिटी फास्ट स्टिकर लगाए गए हैं।”
योजना का दायरा और किराया तुलना
वर्तमान में, तिरुवनंतपुरम जिले में 384 सिटी फास्ट और 687 साधारण बसें चल रही हैं। सरकारी टैरिफ अधिसूचना (30 अप्रैल 2022) के अनुसार, सिटी फास्ट सेवाओं का न्यूनतम किराया ₹12 और प्रति किमी शुल्क ₹1.03 है, जबकि सिटी ऑर्डिनरी का न्यूनतम किराया ₹10 और प्रति किमी शुल्क ₹1 है।
प्रभाव और आगे की राह
इस विवाद ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, लेकिन बसों की श्रेणी में बदलाव के आरोपों से भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे योजना के तहत पात्र बसों की पहचान करने के लिए स्टिकर पर ध्यान दें।
FAQ
प्रियदर्शिनी योजना के तहत किन बसों में मुफ्त यात्रा उपलब्ध है?
प्रियदर्शिनी योजना के तहत पहले चरण में केवल साधारण, सिटी ऑर्डिनरी, लिमिटेड स्टॉप ऑर्डिनरी, पॉइंट-टू-पॉइंट, ग्रामवंदी, फेयर स्टेज लिमिटेड स्टॉप और टाउन-टू-टाउन लिमिटेड स्टॉप सेवाओं में मुफ्त यात्रा उपलब्ध है। सिटी फास्ट, अंतर-जिला और अंतर-राज्य फास्ट, सुपर फास्ट और लक्जरी बसों को इससे बाहर रखा गया है।
सिटी फास्ट बसों पर मुफ्त यात्रा क्यों नहीं दी जा रही है?
सरकार ने पहले चरण (100 दिन) में केवल साधारण श्रेणी की बसों को ही मुफ्त यात्रा योजना में शामिल किया है। सिटी फास्ट बसों को अगले चरणों में शामिल किया जा सकता है।
क्या सच में साधारण बसों को सिटी फास्ट में बदला जा रहा है?
KSRTC अधिकारियों के अनुसार, ऐसा नहीं किया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम सिटी डिपो में 34 साधारण बसों में से 32 इलेक्ट्रिक और 2 डीजल बसों पर 'प्रियदर्शिनी मुफ्त यात्रा' स्टिकर लगाए गए हैं, जबकि 47 सिटी फास्ट बसों पर केवल सिटी फास्ट स्टिकर लगे हैं।