मुख्य तथ्य
आंध्र प्रदेश सरकार ने ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL) के साथ मिलकर राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में एकीकृत प्रकाश प्रबंधन प्रणाली (ILMS) आधारित स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग परियोजना को तेजी से लागू करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना केंद्र सरकार के स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उन्नत ऊर्जा-कुशल प्रकाश तकनीकों के माध्यम से शहरी बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है।
परियोजना की प्रगति की समीक्षा
रविवार को नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव एस. सुरेश कुमार और नगर प्रशासन आयुक्त एवं निदेशक पी. संपत कुमार ने EESL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश कुमार दीक्षित और ए.पी. राज्य ऊर्जा दक्षता विकास निगम लिमिटेड (APSEEDCO) के प्रबंध निदेशक एवं CPDCL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पी. पुल्ला रेड्डी के साथ एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश
बैठक में एस. सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा निर्धारित समयसीमा का पालन करने पर जोर दिया और अधिकारियों को समझौते पर हस्ताक्षर के छह माह के भीतर परियोजना पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय पर क्रियान्वयन से उन्नत ऊर्जा-कुशल तकनीकों के लाभ नागरिकों तक शीघ्र पहुंचेंगे।
परियोजना के लाभ
ILMS-आधारित स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग परियोजना से ऊर्जा दक्षता में वृद्धि, स्ट्रीटलाइट्स की निगरानी और रखरखाव में सुधार, कार्बन उत्सर्जन में कमी और राज्य भर में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह परियोजना सभी शहरी स्थानीय निकायों में लागू की जाएगी।
- इससे बिजली की खपत में कमी आएगी और सरकारी खर्च में बचत होगी।
- स्मार्ट लाइटिंग से सड़क सुरक्षा और शहरी सौंदर्य में सुधार होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग परियोजना क्या है?
यह एकीकृत प्रकाश प्रबंधन प्रणाली (ILMS) पर आधारित परियोजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा-कुशल और उन्नत प्रकाश तकनीकों को लागू करना है।
इस परियोजना को कौन लागू कर रहा है?
आंध्र प्रदेश सरकार, ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL) और ए.पी. राज्य ऊर्जा दक्षता विकास निगम लिमिटेड (APSEEDCO) के सहयोग से इसे कार्यान्वित किया जा रहा है।
परियोजना को पूरा करने की समयसीमा क्या है?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देशानुसार, समझौते पर हस्ताक्षर के छह माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।