Desh Duniya | 131वां संशोधन विधेयक

संविधान संशोधन विधेयक: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव

मुख्य तथ्य केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। यह विधेयक 1971 की जनगणना के आधार पर मौजूदा…

मुख्य तथ्य

केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। यह विधेयक 1971 की जनगणना के आधार पर मौजूदा सीट आवंटन को बदलकर एक खुला फॉर्मूला लागू करेगा, जिससे संसद सामान्य कानून द्वारा जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण कर सकेगी।

विस्तार से जानकारी

वर्तमान में लोकसभा में 543 और राज्यसभा में 245 सदस्य हैं। इस विधेयक के तहत सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व बेहतर हो सके। सरकार ने विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने के लिए बातचीत शुरू कर दी है, जबकि कई विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया है।

प्रभाव

इस विधेयक के पारित होने से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों का पुनर्वितरण होगा, जिससे कुछ राज्यों को अधिक सीटें मिल सकती हैं जबकि कुछ को कम। विपक्ष का कहना है कि इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा और दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा।

पाठकों को क्या जानना चाहिए

संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया सामान्य विधेयकों से भिन्न है। इसे दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित करना होता है, जिसके लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई का समर्थन आवश्यक है। इसके बाद इसे कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए, और अंत में राष्ट्रपति की स्वीकृति आवश्यक है।

वोटों की आवश्यक संख्या

  • लोकसभा: यदि सभी 543 सदस्य उपस्थित हों, तो 362 वोट चाहिए। यदि 450 सदस्य उपस्थित हों, तो 300 वोट चाहिए। न्यूनतम उपस्थिति 272 होने पर 182 वोट चाहिए।
  • राज्यसभा: पूर्ण सदन में 164 वोट चाहिए। 200 सदस्यों की उपस्थिति में 134 वोट चाहिए। न्यूनतम 123 सदस्यों पर 82 वोट चाहिए।
  • राज्य विधानमंडल: 28 राज्यों में से कम से कम 14 को अनुमोदित करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए कितने वोट चाहिए?

लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या का कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। उदाहरण के लिए, यदि सभी 543 सदस्य उपस्थित हों, तो 362 वोट चाहिए।

क्या यह विधेयक केवल संसद से पारित होने के बाद लागू हो जाएगा?

नहीं, इसे कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है। फिर राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह अधिनियम बनेगा।

इस विधेयक का विरोध क्यों हो रहा है?

विपक्षी दलों का कहना है कि इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ सकता है और जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण से कुछ राज्यों को नुकसान होगा।

स्रोत: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

Fake Army Vehicle Used to Smuggle 15.35 Kg Opium in Manipur; Driver Arrested

Key Facts In a major crackdown, security forces in Manipur seized 15.35 kg of suspected opium from a vehicle fitted with fake…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

Census 2027: Thiruvananthapuram district gears up for self-enumeration phase from June 16

Key Facts The first phase of Census 2027 in Thiruvananthapuram district begins with a self-enumeration period from June 16, 2026 to June…

मद्रास उच्च न्यायालय में बायोगैस उत्पादन के लिए व्यापक योजना की मांग वाली जनहित याचिका दायर

प्रमुख तथ्य मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें तमिलनाडु सरकार से गीले जैविक कचरे का…

भारतीय नाविकों के लिए कठिन सप्ताह: ओमान तट पर डूबता जहाज, अमेरिकी हमला और बीमारी से मौत

मुख्य तथ्य ओमान तट पर एक सप्ताह के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं में भारतीय नाविकों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा।…