प्रमुख तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत अब दिल्ली तक पहुंच गई है। पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक कर बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन का समर्थन करने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद सामने आया है।
बगावत का विस्तार
टीएमसी के 29 लोकसभा सांसदों में से 20 ने पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार, जिन्हें हाल ही में टीएमसी के मुख्य सचेतक पद से हटाया गया था, इस गुट की नेता के रूप में उभरी हैं। उन्होंने दावा किया कि वे अभी भी कागजों पर मुख्य सचेतक हैं और लोकसभा अध्यक्ष को 20 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपकर एक अलग गुट के रूप में मान्यता मांगेंगी।
बैठक में शामिल अन्य सांसदों में हावड़ा से प्रसून बनर्जी, बांकुड़ा से अनूप चक्रबर्ती, कूचबिहार से जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, बोलपुर से असित कुमार माल, बीरभूम से सताब्दी रॉय, झाड़ग्राम से कालीपदा सोरेन और बर्धमान पूर्वा से शर्मिला सरकार शामिल हैं।
बीजेपी की भूमिका
बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के अलावा बीजेपी नेता शिशिर अधिकारी भी मौजूद थे। टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, जिन्होंने हाल ही में पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दिया था, ने भी इस बैठक में भाग लिया। बाद में शिशिर अधिकारी ने सताब्दी रॉय के आवास पर लगभग 10 बागी सांसदों के साथ बैठक की।
ममता खेमे की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी के वफादार सांसदों ने बगावत की कड़ी निंदा की है। बर्धमान-दुर्गापुर सांसद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा कर दावा किया कि काकोली घोष दस्तीदार को हटाने और कल्याण बनर्जी को मुख्य सचेतक नियुक्त करने की सूचना पिछले महीने ही लोकसभा अध्यक्ष को दे दी गई थी। उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि बीजेपी कब तक लोगों को बेवकूफ बनाएगी?"
कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा ने बागियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर जीते थे। उन्होंने कहा, "जनादेश NDA के लिए नहीं था। सभी लालची और स्वार्थी गद्दार बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन पहले अपनी सीटों से इस्तीफा दें और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ें।"
महुआ मोइत्रा ने बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान पर भी निशाना साधा, जो कथित तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के निमंत्रण पर दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "थोड़ी हिम्मत दिखाओ। आपने भारत के लिए खेला। हमारे जिले ने आपको भारी बहुमत से चुना। थोड़ी शर्म और हिम्मत रखो।"
INDIA ब्लॉक की बैठक
बागी सांसदों की बैठक उस समय हुई जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में INDIA ब्लॉक की बैठक में भाग ले रहे थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, जो पश्चिम बंगाल में चुनाव देखते हैं, ने पूरा दिन शिकार करने में बिताया। इस मंत्री का विशेष काम शिकारियों को पकड़ना है, न कि खुद शिकारी बनना।"
पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम लगभग एक सप्ताह पहले आया है जब टीएमसी के 80 विधायकों में से लगभग 60 ने विद्रोह कर रितब्रत बनर्जी को नए नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुना था। पूर्व कोलकाता नगर निगम मेयर फिरहाद हकीम ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में रितब्रत बनर्जी से मुलाकात की।
FAQ
टीएमसी के कितने सांसदों ने बगावत की है?
टीएमसी के 29 लोकसभा सांसदों में से 20 ने बगावत कर बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA का समर्थन करने का फैसला किया है।
बगावत का नेतृत्व कौन कर रहा है?
बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार बगावत का नेतृत्व कर रही हैं, जिन्हें हाल ही में टीएमसी के मुख्य सचेतक पद से हटाया गया था।
ममता बनर्जी के वफादार सांसदों ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
ममता बनर्जी के वफादार सांसदों ने बगावत की निंदा की है और बागियों को पार्टी छोड़ने की चुनौती दी है।