मुख्य तथ्य
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत का दौर जारी है। 58 विधायकों के बाद अब पार्टी के 15 सांसदों ने अलग गुट बना लिया है। ये बागी सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर 'असली TMC' के रूप में मान्यता मांगेंगे। ममता बनर्जी के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि उनके वफादार नेता एक-एक कर साथ छोड़ रहे हैं।
पांच बड़े झटके
1. काकोली घोष के बेटे का कानूनी नोटिस
बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी और अन्य TMC नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं ने झूठा दावा किया कि उन्होंने बारासत सीट से टिकट मांगा था। नोटिस में 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की गई है।
2. सायोनी घोष का बागी खेमे में शामिल होना
TMC सांसद सायोनी घोष ने बागी खेमे में शामिल होने का फैसला किया है। वह जादवपुर से सांसद हैं और पहले ममता की वफादार मानी जाती थीं। उन्होंने कहा, 'अभी कुछ नहीं कहूंगी, सही समय आने पर बोलूंगी।'
3. सुदीप बंद्योपाध्याय पर संदेह
ममता समर्थक सांसद महुआ मोइत्रा ने सुदीप बंद्योपाध्याय पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुदीप ने पार्टी को झूठ बोला कि वे अस्पताल में हैं, जबकि वे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव से मिल रहे थे। महुआ ने ट्वीट किया, 'दादा, कम से कम अपना X हैंडल @SudipBJPBTeam तो बदल लीजिए।'
4. CID छापे और समन
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पुलिस और केंद्रीय बलों ने अभिषेक बनर्जी के घर पर छापा मारा। ममता खुद वहां पहुंच गईं। इससे पहले अभिषेक से CID ने जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ की थी।
5. युवा और महिला मोर्चे में फेरबदल
ममता ने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए युवा और महिला मोर्चे के अध्यक्ष बदल दिए। सायोनी घोष की जगह अर्नब बनर्जी को युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। वहीं माला रॉय की जगह आलिफा अहमद को महिला मोर्चे की अध्यक्ष बनाया गया।
क्या कहते हैं जानकार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TMC में यह बगावत पार्टी के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है। ममता बनर्जी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने नेताओं को एकजुट रखना है। वहीं बीजेपी इस मौके को भुनाने की कोशिश कर रही है।
FAQ
TMC में बगावत क्यों हो रही है?
विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में असंतोष बढ़ गया। 58 विधायकों ने रितब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुना, जबकि 15 सांसदों ने अलग गुट बनाने का फैसला किया।
बागी सांसद क्या चाहते हैं?
वे लोकसभा स्पीकर से मिलकर 'असली TMC' के रूप में मान्यता मांगेंगे। उनका कहना है कि वे पार्टी के असली प्रतिनिधि हैं।
ममता बनर्जी पर क्या कानूनी कार्रवाई हुई?
काकोली घोष के बेटे ने मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। इसके अलावा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ CID जांच और छापेमारी जारी है।
क्या TMC टूटने की कगार पर है?
फिलहाल पार्टी में गहरा संकट है, लेकिन ममता बनर्जी ने युवा और महिला मोर्चे में फेरबदल कर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की है।
Source: www.hindustantimes.com