मुख्य घटनाक्रम
अमेरिकी नौसेना द्वारा खाड़ी में एक तेल जहाज पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत में राजनीतिक तूफान आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की गरिमा की रक्षा न करने का आरोप लगाया है। यह घटना बुधवार को हुई जब अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में जहाज एमटी सेट्टेबेलो को निशाना बनाया। जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन की मौत हो गई।
मृत नाविकों की पहचान
मृत नाविकों की पहचान इस प्रकार है:
- पटनाला सुरेश (44 वर्ष), विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
- शिवानंद चौरसिया (38 वर्ष), सुरौली गांव, देवरिया जिला, उत्तर प्रदेश
- आदित्य शर्मा (23 वर्ष), हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश
राहुल गांधी का हमला
रविवार को राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, "तीन भारतीय नाविकों की अमेरिकी हमलों में हत्या के कुछ दिनों बाद - कोई पछतावा नहीं, कोई माफी नहीं। इसके विपरीत, अमेरिका आदेश जारी कर रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "उनके शब्द पढ़ें: 'अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करें।' कोई उल्लंघन 'बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'" राहुल गांधी ने पीएम मोदी को "समझौता करने वाला पीएम" बताते हुए आरोप लगाया कि वे चुप हैं और देश की गरिमा की रक्षा नहीं कर रहे।
अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर इस घटना पर कोई सार्वजनिक बयान या शोक संदेश न जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्रीय हितों को दैनिक आधार पर आत्मसमर्पण किया जा रहा है।" कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जबकि वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के रुख को "बहुत नरम" करार दिया। खेड़ा ने कहा, "जयशंकर इतने माफी मांगने वाले क्यों थे? हमने जानें गंवाई हैं, हमें माफी मांगनी चाहिए थी।"
जयशंकर का रुख
शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मैंने भारत के कड़े विरोध को दोहराया। वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ इस तरह के घातक हमले उचित नहीं हैं।" इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिकी प्रभारी जेसन मीक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
अमेरिकी रुख
अमेरिकी विदेश विभाग ने जयशंकर-रुबियो वार्ता के बाद कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन करना होगा और ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बयान ने भारत में आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
FAQ
तीन भारतीय नाविकों की मौत कैसे हुई?
अमेरिकी नौसेना ने खाड़ी में एक तेल जहाज पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अमेरिकी दबाव में हैं और उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत पर मजबूती से पेश नहीं आए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कोई माफी नहीं मांगी, बल्कि धमकी दी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कार्रवाई की?
एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक शिपिंग पर इस तरह के घातक हमले उचित नहीं हैं।
स्रोत: www.hindustantimes.com