मुख्य तथ्य
जयपुर में बीजेपी कार्यालय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के संवाददाता सम्मेलन के दौरान बिजली गुल होने से 10 मिनट तक अंधेरा छाया रहा। इस घटना के बाद राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (आरवीपीएनएल) ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया और एक अधिकारी को चार्जशीट किया।
घटना का विवरण
11 जून 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जयपुर स्थित बीजेपी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर रहे थे। इसी दौरान तीन बार बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे मंत्री को लगभग 10 मिनट अंधेरे में पत्रकारों से बात करनी पड़ी। बिजली कटौती का कारण हीरापुरा स्थित 400 केवी ग्रिड उप-केंद्र में ट्रिपिंग बताई गई।
कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। जांच रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने के बाद आरवीपीएनएल ने हीरापुरा उप-केंद्र में तैनात सहायक अभियंता विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन बाबू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही अधीक्षण अभियंता आर.पी. गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
इस घटना से बिजली विभाग और राज्य सरकार की आलोचना हुई। एक अधिकारी ने कहा, "अनुशासनात्मक कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें बिजली बुनियादी ढांचे के संचालन में लापरवाही पाई गई।"
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह घटना बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, खासकर जब वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के कार्यक्रम प्रभावित होते हैं। राजस्थान में बिजली क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह घटना कब हुई?
यह घटना 11 जून 2026 को जयपुर में हुई।
कितने कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई?
एक सहायक अभियंता और एक इलेक्ट्रीशियन को निलंबित किया गया, जबकि एक अधीक्षण अभियंता को चार्जशीट किया गया।
बिजली कटौती कितनी देर तक रही?
लगभग 10 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिसमें तीन बार व्यवधान हुआ।
स्रोत: www.thehindu.com