घटना का विवरण
कोच्चि के मुंडमवेली स्थित P&T अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार (12 जून, 2026) शाम को एक दर्दनाक घटना घटी। 46 वर्षीय मजदूर बाबू वेंगोपालन नहाकर अपने बाल सुखा रहे थे, तभी अचानक बेडरूम का छत का पंखा टूटकर गिर गया। पंखे के ब्लेड उनके कंधे और छाती पर लगे, जिससे वे घायल हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें सोमवार (15 जून) को एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल में CT स्कैन कराने की सलाह दी है।
बाबू ने राहत की सांस लेते हुए कहा, "मेरे दो बेटे (8 और 12 साल) उस समय बाहर खेल रहे थे। अगर वे अंदर होते, तो यह घातक हो सकता था। हमारी अपार्टमेंट बिल्डिंग झुक गई है और रहने लायक नहीं रही। हमें यहां आकर स्वर्ग का वादा किया गया था, लेकिन अब हम नरक में जी रहे हैं।" उन्होंने बताया कि पंखे के कप में पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे जंग लग गई और पंखा गिर गया।
निवासियों का विरोध और मांगें
P&T अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के तहत संगठित निवासी सोमवार को ग्रेटर कोचीन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GCDA) मुख्यालय, कडवंथरा में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। 26 मई को उन्होंने GCDA के खिलाफ एक दिवसीय घेराव किया था, जिसमें ट्विन टावरों के पास से गुजरने वाली 110-kV एक्स्ट्रा हाई-टेंशन (EHT) लाइन से अनिवार्य दूरी के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिलाष पी. परमेश्वरन ने कहा, "IIT मद्रास की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में मानसून से पहले रिसाव-रोधी उपायों की सिफारिश की गई थी, लेकिन वे लागू नहीं हुए। अब हम कोच्चि के विधायक मोहम्मद शियास पर उम्मीद लगाए हैं, जो अगले सत्र में विधानसभा में हमारी समस्या उठाएंगे।"
भवन की स्थिति और पिछली घटनाएं
जनवरी 2024 में निवासियों के शिफ्ट होने के बाद से ही ट्विन ब्लॉक्स (44 और 42 यूनिट) में बारिश के पहले ही दौर में लीकेज शुरू हो गया था। बाथरूम से भी रिसाव की शिकायतें आईं। फरवरी में जिला कलेक्टर की बैठक में बाहरी दीवारों पर फाइबर प्लास्टरिंग (₹28 लाख की लागत) का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन स्थायी संरचनात्मक सुधार साल के अंत तक टाल दिए गए।
निवासियों का कहना है कि इमारत में ढलान आ गई है और हाई-टेंशन लाइनों की नजदीकी से सुरक्षा को गंभीर खतरा है।
FAQ
- P&T Apartment में छत का पंखा क्यों गिरा? निवासियों के अनुसार, पंखे के कप में पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे जंग लग गई और पंखा गिर गया।
- क्या GCDA ने कोई कार्रवाई की है? जिला कलेक्टर की बैठक में फरवरी में रिसाव रोकने के लिए फाइबर प्लास्टरिंग का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन IIT Madras की सिफारिशें लागू नहीं हुईं।
- निवासियों की मुख्य मांग क्या है? निवासी 110-kV हाई-टेंशन बिजली लाइनों से अनिवार्य दूरी के उल्लंघन और भवन की ढलान की समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
स्रोत: www.thehindu.com