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Anna University के 335 टीचिंग फेलो का विरोध प्रदर्शन, बिना सूचना नौकरी से हटाने का आरोप

प्रमुख तथ्य अन्ना विश्वविद्यालय के 16 संबद्ध कॉलेजों में कार्यरत 335 टीचिंग फेलो ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें सेवा से हटा…

प्रमुख तथ्य

अन्ना विश्वविद्यालय के 16 संबद्ध कॉलेजों में कार्यरत 335 टीचिंग फेलो ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें सेवा से हटा दिया। ये शिक्षक पिछले 10 से 15 वर्षों से अस्थायी संकाय के रूप में कार्यरत थे और उन्हें 25,000 से 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था।

विवरण

अन्ना विश्वविद्यालय अस्थायी संकाय कल्याण संघ के अध्यक्ष एस.सी. राजकुमार ने बताया कि सदस्यों ने स्पष्टीकरण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन कोई उचित जवाब नहीं मिला। उनका द्विवार्षिक अनुबंध, जो जनवरी में नवीनीकृत होना था, नवीनीकृत नहीं किया गया, जिससे वे संकट में पड़ गए। श्री राजकुमार ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री का ध्यान अस्थायी संकाय की आजीविका संबंधी समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

प्रशासन का रुख

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबद्ध कॉलेजों में रिक्तियां न होने के कारण अनुबंध नवीनीकृत नहीं किए गए। हालांकि, संघ के अध्यक्ष ने इसका खंडन करते हुए कहा कि यह सच नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती के समय टीचिंग फेलो को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना पड़ता था, लेकिन सेवा से हटाते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

प्रभाव

इस कदम से 335 शिक्षकों की आजीविका प्रभावित हुई है, जो लंबे समय से विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में योगदान दे रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि उनके अनुबंधों का नवीनीकरण किया जाए और उन्हें नियमित किया जाए।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • यह मामला तमिलनाडु के अन्ना विश्वविद्यालय से संबंधित है।
  • टीचिंग फेलो को अस्थायी संकाय के रूप में नियुक्त किया गया था और उनका अनुबंध हर छह माह में नवीनीकृत होता था।
  • प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी सेवाएं समाप्त करने से पहले कोई नोटिस या सुनवाई का मौका नहीं दिया गया।

FAQ

Anna University के टीचिंग फेलो कितने हैं और उनका वेतन कितना है?

335 टीचिंग फेलो हैं, जो 10 से 15 वर्षों से अस्थायी संकाय के रूप में कार्यरत थे और उन्हें 25,000 से 30,000 रुपये के बीच वेतन मिलता था।

प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या है?

प्रदर्शन का कारण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं और जनवरी में होने वाले अनुबंध नवीनीकरण को नहीं किया।

टीचिंग फेलो वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने क्या कहा?

एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.सी. राजकुमार ने कहा कि सदस्यों ने स्पष्टीकरण के लिए विश्वविद्यालय से संपर्क किया लेकिन उचित जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेजों में रिक्तियां होने के बावजूद अनुबंध नवीनीकरण नहीं किया गया।

प्रदर्शन का उद्देश्य क्या था?

प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री का ध्यान अस्थायी संकाय की आजीविका संबंधी समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

स्रोत: www.thehindu.com

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