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केरल में पारियाथुकावु भूमि विवाद सुलझा, सात दलित परिवारों को मिलेगी जमीन

मुख्य तथ्य केरल के एर्नाकुलम जिले में पारियाथुकावु दलित बस्ती को लेकर लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद अंततः सुलझ गया है। उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने शनिवार (13 जून) को…

मुख्य तथ्य

केरल के एर्नाकुलम जिले में पारियाथुकावु दलित बस्ती को लेकर लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद अंततः सुलझ गया है। उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने शनिवार (13 जून) को जिला कलेक्ट्रेट में हुई बैठक के बाद इस समझौते की घोषणा की।

समझौते का विवरण

समझौते के अनुसार, स्वर्गीय कन्नट्ट शंकरन नायर के परिवार, जिन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भूमि पर स्वामित्व का दावा जीता था, 2.69 एकड़ विवादित संपत्ति में से सात परिवारों को पांच-पांच सेंट जमीन आवंटित करेंगे। मंत्री ने कहा, "सरकार प्रायोजन के माध्यम से जुटाए गए धन का उपयोग करके आवंटित भूखंडों पर मकान बनाएगी। मकान एक वर्ष के भीतर बनाए जाएंगे, और तब तक परिवारों को अपने वर्तमान घरों में रहने की अनुमति दी जाएगी।"

कार्यान्वयन और निगरानी

एक समझौता तैयार किया जाएगा और दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित कर 16 जून को उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुवट्टुपुझा के राजस्व विभागीय अधिकारी और उप-पुलिस अधीक्षक रैंक के एक पुलिस अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाएगा कि समझौता बिना किसी बाधा के लागू हो। इसके अलावा, संपत्ति के भीतर निवासियों के लिए एक पंचायत सड़क भी बनाई जाएगी।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

मंत्री ने इस प्रस्ताव को आगामी अदालती आदेशों की बाधाओं के बीच एक व्यावहारिक समाधान बताया, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों पक्ष इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी दलित परिवारों का हर संभव तरीके से समर्थन करेगी।

कुन्नाथुनाड के विधायक वी.पी. सजींद्रन ने कहा कि सरकार उन लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस ले लेगी जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बस्ती से परिवारों को बेदखल करने के 15 प्रयासों का विरोध किया था।

सीपीआई(एम) समर्थित पारियाथुकावु एक्शन काउंसिल ने इस फैसले का स्वागत किया और बेदखली के प्रयास के खिलाफ अपनी हड़ताल वापस ले ली। एक्शन काउंसिल के संयोजक के.एम. सिराज ने कहा, "हमारा रुख रहा है कि सात परिवारों को उनके घरों से नहीं निकाला जा सकता। नवीनतम निर्णय ने हमारे प्रयासों को सही ठहराया है।"

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • यह समझौता 15 बार की गई बेदखली के प्रयासों के बाद आया है।
  • सरकार एक वर्ष के भीतर मकान बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
  • समझौते की निगरानी के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पारियाथुकावु भूमि विवाद क्या है?

यह केरल के एर्नाकुलम जिले में एक दलित बस्ती को लेकर विवाद है, जहां सात परिवारों को 15 बार बेदखल करने का प्रयास किया गया था।

इस समझौते के तहत परिवारों को क्या मिलेगा?

प्रत्येक परिवार को 2.69 एकड़ विवादित भूमि में से पांच सेंट जमीन मिलेगी, और सरकार एक वर्ष के भीतर मकान बनाकर देगी।

समझौते को कब अदालत में पेश किया जाएगा?

समझौते को 16 जून को उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

स्रोत: www.thehindu.com

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