मुख्य तथ्य
AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने शनिवार को स्वीकार किया कि तमिलागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) द्वारा सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद रहा। कांचीपुरम जिले के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी के रुख को बेहतर ढंग से प्रसारित करने और सरकार की कमियों को उजागर करने पर जोर दिया।
बैठक का विवरण
यह बैठक विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए जिला-वार परामर्श की शुरुआत थी। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में यह राय व्यक्त की गई कि पार्टी नेताओं के बच्चों को पार्टी कार्यों में शामिल किया जाना चाहिए। एक पदाधिकारी ने कहा, "इसमें मिथुन (पलानीस्वामी के बेटे) भी शामिल हैं।"
चुनावी प्रदर्शन
कांचीपुरम जिले में AIADMK ने चार में से तीन सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि उथिरमेरुर सीट अपने सहयोगी PMK के लिए छोड़ दी। तीनों सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, हालांकि कांचीपुरम निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व मंत्री वी. सोमासुंदरम उपविजेता रहे। पार्टी ने लगभग 2.01 लाख वोट (24% वोट शेयर) प्राप्त किए। अलांदुर और श्रीपेरुम्बुदुर में वह तीसरे स्थान पर रही और अपनी जमानत बचाने में सफल रही। PMK भी उथिरमेरुर में हार गई।
पलानीस्वामी का हमला
एक बयान में पलानीस्वामी ने TVK शासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में बांध बनाने के प्रयास को रोकने के लिए केंद्र पर दबाव नहीं डाला, मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, और पड़ोसी राज्य से तमिलनाडु के कावेरी जल के हिस्से को सुरक्षित नहीं किया।
पलानीस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कांग्रेस विधायकों को कैबिनेट में शामिल कर उन्हें सम्मान दिया है, इसलिए उन्हें कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर बांध निर्माण रोकने और तमिलनाडु को देय कावेरी जल सुनिश्चित करने के लिए दबाव डालना चाहिए।
FAQ
AIADMK ने किस पार्टी की सोशल मीडिया रणनीति को सफल माना?
AIADMK ने तमिलागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) की सोशल मीडिया रणनीति को सफल माना।
एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने कर्नाटक के संबंध में क्या आरोप लगाए?
पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि TVK सरकार ने कर्नाटक को मेकेदातु बांध बनाने से रोकने के लिए केंद्र पर दबाव नहीं डाला और कावेरी जल का उचित हिस्सा सुनिश्चित नहीं किया।
कांचीपुरम जिले में AIADMK का प्रदर्शन कैसा रहा?
AIADMK ने कांचीपुरम जिले की चार में से तीन सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सभी में हार का सामना करना पड़ा। पार्टी को लगभग 2.01 लाख वोट (24% वोट शेयर) मिले।