प्रमुख तथ्य
एम्स भोपाल में दो नर्सों के खिलाफ एक तीन वर्षीय कैंसर रोगी को गलत इंजेक्शन लगाने का मामला दर्ज किया गया है, जिससे बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार (13 जून, 2026) को यह जानकारी दी।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2025 में हुई थी। एम्स की आंतरिक जांच में नर्सिंग अधिकारियों मधुबाला शर्मा और अनुका गुजराती की घोर लापरवाही पाई गई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। एम्स प्रबंधन ने दोनों नर्सों को निलंबित कर दिया है।
नर्सों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 और 286 के तहत बगसेवनिया थाने में मामला दर्ज किया गया है। मधुबाला शर्मा पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप है, जबकि अनुका गुजराती पर जहरीला इंजेक्शन लावारिस छोड़ने का आरोप है।
पीड़ित परिवार का बयान
बच्चे के पिता सिद्धार्थ यादव ने बताया कि उन्होंने नर्स को रोकने की कोशिश की थी क्योंकि सिरिंज पर 'F' का निशान था। उन्होंने कहा, "मैंने उसे IV बोतल में इंजेक्ट करने से पहले रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने कहा, 'क्या मैं यहां डॉक्टर हूं या तुम?' मेरा बेटा तुरंत बेहोश हो गया।"
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी भोपाल जोन 2 विकास सहवाल ने बताया कि बच्चा सागर जिले का रहने वाला था और एम्स में कैंसर के इलाज के लिए भर्ती था। उन्होंने कहा, "गलत इंजेक्शन वाली सिरिंज पास में रखी थी और एक नर्स ने इसे बच्चे को दी जा रही ड्रिप बोतल में डाल दिया। बच्चे के परिवार ने नर्स को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह फॉर्मेलिन या फॉर्मेल्डिहाइड घोल था, जो दोनों ही अत्यधिक जहरीले होते हैं।"
श्री सहवाल ने कहा कि बच्चा पहले से ही गंभीर स्थिति में था, लेकिन गलत इंजेक्शन लगने के एक घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने ड्रिप बोतल को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने अस्पतालों में चिकित्सा लापरवाही के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। एम्स प्रबंधन ने दोनों नर्सों को निलंबित कर दिया है और आगे की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह घटना कब हुई?
यह घटना दिसंबर 2025 में हुई थी।
पीड़ित बच्चा कहां का रहने वाला था?
बच्चा सागर जिले का निवासी था और एम्स भोपाल में कैंसर का इलाज करा रहा था।
नर्सों पर क्या आरोप हैं?
मधुबाला शर्मा पर गलत इंजेक्शन लगाने का और अनुका गुजराती पर जहरीला इंजेक्शन लावारिस छोड़ने का आरोप है।
बच्चे की मौत कैसे हुई?
गलत इंजेक्शन लगने के एक घंटे के भीतर बच्चे की मौत हो गई। इंजेक्शन में फॉर्मेलिन या फॉर्मेल्डिहाइड था, जो अत्यधिक जहरीला होता है।