मुख्य तथ्य
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने शनिवार (13 जून 2026) को दिल्ली के रेस कोर्स क्षेत्र में स्थित 15.2 एकड़ के जयपुर पोलो ग्राउंड पर शारीरिक कब्जा ले लिया। यह कार्रवाई भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) के अधिकारियों द्वारा की गई, जो मंत्रालय के तहत काम करता है। इससे पहले शुक्रवार (12 जून) को एक दिल्ली अदालत ने इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) को सरकार के खाली कराने के आदेश के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
पृष्ठभूमि और विवरण
20 मई को L&DO ने एक बेदखली आदेश जारी किया था, जिसमें भूमि पर कब्जे की मांग की गई थी, और इसे 'बड़े सार्वजनिक उद्देश्य' के लिए आवश्यक बताया गया था। हालांकि, सरकार ने भूमि के इच्छित उपयोग के बारे में कोई विवरण नहीं दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 8 जून को एक जिला अदालत को IPA की याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था, जिसमें बेदखली नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
अदालती कार्यवाही
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने IPA द्वारा सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जेदारों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। एसोसिएशन ने 20 मई के केंद्र के बेदखली नोटिस के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि पिछले 10 दिनों में पटियाला हाउस कोर्ट के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश और दिल्ली उच्च न्यायालय दोनों ने समान राहत के अनुरोधों पर विचार किया था, लेकिन किसी ने भी एसोसिएशन को सुरक्षा प्रदान नहीं की।
“न्यायिक अनुशासन और औचित्य को ध्यान में रखते हुए, मैं अगली तारीख तक भी विवादित आदेश के निष्पादन पर रोक लगाने के इच्छुक नहीं हूं,” अदालत ने कहा।
साथ ही, अदालत ने केंद्र सरकार को अपील और स्थगन आवेदन पर अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।
IPA की प्रतिक्रिया
IPA ने बेदखली को “गलत, मनमाना और कानून के विपरीत” बताया और कहा कि वह अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का पालन करेगा।
अन्य क्लबों पर प्रभाव
L&DO ने रेस कोर्स क्लब और जिमखाना क्लब को भी बेदखली के आदेश जारी किए थे। हालांकि, दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्यों को राहत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने 26 मई को केंद्र के इस आश्वासन पर ध्यान दिया कि वह 5 जून तक क्लब का जबरन कब्जा नहीं लेगा, और कहा कि उस स्तर पर किसी अंतरिम आदेश की आवश्यकता नहीं है।
FAQ
जयपुर पोलो ग्राउंड पर कब्जा किसने लिया?
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने 13 जून 2026 को शारीरिक कब्जा लिया।
अदालत ने इंडियन पोलो एसोसिएशन को राहत क्यों नहीं दी?
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने कहा कि पिछले 10 दिनों में कई अदालतों ने इस मामले पर विचार किया और कोई सुरक्षा प्रदान नहीं की, इसलिए वे आदेश पर रोक लगाने के इच्छुक नहीं हैं।
इस भूमि का उपयोग किस लिए किया जाएगा?
सरकार ने 'बड़े सार्वजनिक उद्देश्य' का हवाला दिया है, लेकिन भूमि के इच्छित उपयोग के बारे में कोई विवरण नहीं दिया है।