परिचय
K-Rail SilverLine Virudha Janakeeya Samithi ने तकनीकी विशेषज्ञ ई. श्रीधरन द्वारा प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल परियोजना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति का कहना है कि यह परियोजना केरल की जनता की यात्रा आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहेगी। यह मुद्दा शनिवार को अलुवा में आयोजित समिति की राज्य नेतृत्व बैठक में चर्चा का केंद्र रहा।
मुख्य तथ्य
- समिति के राज्य अध्यक्ष एम.पी. मथाई ने बैठक का उद्घाटन किया, जिसकी अध्यक्षता एम.पी. बाबुराज ने की।
- समिति के अनुसार, केरल की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों में सबसे उपयुक्त विकल्प स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली विकसित करना और रेलवे लाइनों के तीखे मोड़ों को सीधा करके हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाना है।
- समिति ने राज्य सरकार से इस प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है और चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो विरोध कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
समिति का रुख
समिति ने एक बयान में कहा, “केरल के लोगों की मुख्य यात्रा आवश्यकता अन्य राज्यों और आस-पास के शहरों तक जाना है। वर्तमान परिदृश्य में जब विझिनजम बंदरगाह के माध्यम से आवाजाही संभव है, माल की आवाजाही भी महत्वपूर्ण है। श्रीधरन का नया परियोजना प्रस्ताव इनमें से किसी भी आवश्यकता को पूरा नहीं करता है।” समिति ने यह भी कहा कि टिकट की कीमतें आम लोगों के लिए वहनीय नहीं होंगी और परियोजना पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।
विरोध का कारण
समिति का मानना है कि ई. श्रीधरन का प्रस्ताव K-Rail परियोजना के समान गेज और गति वाला है, जो केरल की वास्तविक जरूरतों को संबोधित नहीं करता। इसके बजाय, समिति ने मौजूदा रेलवे बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया है, जैसे कि स्वचालित सिग्नलिंग और कर्व स्ट्रेटनिंग, जिससे लागत कम हो और अधिक लोगों को लाभ मिले।
आगे की राह
समिति ने स्पष्ट किया है कि वह केरल के सार्वजनिक परिवहन तंत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उसने राज्य सरकार से अपने सुझावों पर विचार करने और जनहित में निर्णय लेने का आग्रह किया है। यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो समिति विरोध प्रदर्शन तेज करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
K-Rail SilverLine Virudha Janakeeya Samithi क्या है?
यह एक विरोध समिति है जो K-Rail परियोजना का विरोध करती है और वैकल्पिक रेल विकास की मांग करती है।
ई. श्रीधरन का नया प्रस्ताव क्या है?
उन्होंने K-Rail के समान गेज और गति वाली हाई-स्पीड रेल परियोजना प्रस्तावित की है।
समिति का वैकल्पिक सुझाव क्या है?
समिति ने स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली विकसित करने और रेलवे लाइनों के तीखे मोड़ों को सीधा करके हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया है।
स्रोत: www.thehindu.com