मुख्य तथ्य
एंड्रॉइड प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में पिछले दो वर्षों में सर्जरी और डायग्नोस्टिक टेस्ट में भारी वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने विजयवाड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के प्रशासन और उपलब्धियों पर एक रिपोर्ट जारी की।
विस्तृत जानकारी
सर्जरी और डायग्नोस्टिक टेस्ट में वृद्धि
सर्जिकल प्रक्रियाओं की संख्या में 37.38% की वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 15.13 लाख से बढ़कर 2025-26 में 20.79 लाख हो गई। डायग्नोस्टिक टेस्ट में 56.14% की वृद्धि हुई, जो 7.98 करोड़ से बढ़कर 12.47 करोड़ हो गए।
स्टाफ उपस्थिति में सुधार
डॉक्टरों और अन्य अस्पताल स्टाफ की उपस्थिति में 28.13% का सुधार हुआ, जो 2023-24 में 65.36% से बढ़कर 2025-26 में 83.75% हो गई। सरकार ने कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए 51 वरिष्ठ डॉक्टरों को लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त किया।
अतिरिक्त ओपीडी काउंटर
बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए सरकार ने पिछले दो वर्षों में शिक्षण अस्पतालों में 168 अतिरिक्त ओपीडी काउंटर स्थापित किए।
स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि डॉ. एनटीआर वैद्य सेवा स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। भविष्य में सरकार शीघ्र रोग पहचान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और समय पर हस्तक्षेप पर ध्यान केंद्रित करेगी। संजीवनी योजना अगस्त में पूरे राज्य में लॉन्च की जाएगी।
प्रभाव
इन सुधारों से सरकारी अस्पतालों में जनता का विश्वास बढ़ा है और मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा के स्तर में सुधार, मेडिकल कॉलेजों की राष्ट्रीय रैंकिंग बढ़ाना, दुर्लभ बीमारियों से निपटना और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह रिपोर्ट सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- एंड्रॉइड प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी में कितनी वृद्धि हुई? पिछले दो वर्षों में सर्जरी में 37.38% की वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 15.13 लाख से बढ़कर 2025-26 में 20.79 लाख हो गई।
- डायग्नोस्टिक टेस्ट में कितनी वृद्धि दर्ज की गई? डायग्नोस्टिक टेस्ट में 56.14% की वृद्धि हुई, जो 7.98 करोड़ से बढ़कर 12.47 करोड़ हो गए।
- स्टाफ की उपस्थिति में क्या सुधार हुआ? डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति 28.13% बढ़कर 65.36% से 83.75% हो गई।
- सरकार ने अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों पर क्या कार्रवाई की? लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले 51 वरिष्ठ डॉक्टरों को बर्खास्त किया गया।