मुख्य तथ्य
सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष पी.एस. प्रशांत और पूर्व सदस्य अजिकुमार को नोटिस जारी किया है। इन्हें अगले सप्ताह SIT के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।
मामले का विवरण
जांच का केंद्र सबरीमाला मंदिर में द्वारपालक मूर्तियों पर लगे स्वर्ण-प्लेटेड तांबे के प्लेटों का हस्तांतरण है। आरोप है कि यह हस्तांतरण पिछले प्रशासन के दौरान बिना उच्च न्यायालय की अनुमति के स्मार्ट क्रिएशंस नामक कंपनी को किया गया। SIT ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह कार्रवाई की है, जिसमें 2025 से हुए लेन-देन की भी जांच के निर्देश दिए गए थे।
आगे की जांच
SIT रविवार (14 जून 2026) को सबरीमाला पहुंचकर अधिक सैंपल एकत्र करेगी। इसके अलावा, पूर्व अधिकारियों से पूछताछ कर मामले की गहराई से जांच की जाएगी।
प्रभाव और महत्व
यह मामला सबरीमाला मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। TDB के पूर्व अधिकारियों की भूमिका की जांच से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- SIT ने पूर्व TDB अध्यक्ष और सदस्य को नोटिस जारी किया है।
- जांच स्वर्ण-प्लेटेड तांबे के प्लेटों के हस्तांतरण पर केंद्रित है।
- उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 2025 के लेन-देन की भी जांच होगी।
- SIT 14 जून को सबरीमाला में सैंपल एकत्र करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में SIT ने किसे नोटिस जारी किया है?
SIT ने पूर्व TDB अध्यक्ष P.S. प्रशांत और पूर्व सदस्य अजिकुमार को नोटिस जारी किया है।
इन नोटिसों का कारण क्या है?
द्वारपालक मूर्तियों के स्वर्ण-प्लेटेड तांबे के प्लेटों को बिना उच्च न्यायालय की अनुमति के स्मार्ट क्रिएशंस को हस्तांतरित करने की जांच के लिए ये नोटिस जारी किए गए हैं।
SIT अब क्या करेगी?
SIT 14 जून 2026 को सबरीमाला पहुंचकर और सैंपल एकत्र करेगी और पूर्व अधिकारियों से पूछताछ करेगी।
स्रोत: www.thehindu.com