प्रमुख तथ्य
Zerowings Aerospace के सह-संस्थापक R. Akilan और V. Sree Aravinth ने अपने पूर्व छात्र संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी - तिरुचि (NIT-T) में एक फेकाडे-वॉशिंग ड्रोन का प्रदर्शन किया। यह ड्रोन ऊंची इमारतों की सफाई में समय, जोखिम और मानव श्रम को कम कर सकता है।
ड्रोन की विशेषताएं
यह हेक्साकॉप्टर-आधारित ड्रोन छह उच्च-प्रदर्शन मोटरों से सुसज्जित है, प्रत्येक 15 किलोग्राम तक का थ्रस्ट उत्पन्न करने में सक्षम है। पानी की नली जुड़ी होने पर यह 100 मीटर तक की ऊंचाई पर सफाई कर सकता है। इसकी पेलोड क्षमता 25 किलोग्राम है।
प्रदर्शन का विवरण
11 जून को NIT-T के ओरियन लेक्चर हॉल पर प्रदर्शन किया गया। ड्रोन ने पहले साबुन का घोल स्प्रे किया, फिर उच्च दबाव वाले डी-आयनीकृत पानी से धोया। डी-आयनीकृत पानी खनिज आयनों से रहित होता है, जिससे दीवारों पर पानी के निशान नहीं बचते।
लाभ और प्रभाव
- 10-13 मंजिलों की इमारत की सफाई लगभग 8 घंटे में पूरी हो जाती है, जबकि मैन्युअल सफाई में कम से कम 10 दिन लगते हैं।
- स्कैफोल्डिंग या रस्सियों की आवश्यकता नहीं, जिससे श्रमिकों की सुरक्षा बढ़ती है।
- डी-आयनीकृत पानी बड़े शहरों में बल्क में उपलब्ध है; छोटे स्थानों के लिए कंपनी अपनी डी-आयनाइज़र मशीन ले जाती है।
स्टार्टअप की पृष्ठभूमि
Zerowings Aerospace को NIT-T के रिसर्च एंड इनोवेशन हब और सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एंड इनक्यूबेशन (CEDI) का समर्थन प्राप्त है। इसने भारतीय सेना, भारतीय तटरक्षक बल, पैराशूट रेजिमेंट स्पेशल फोर्सेज और सीमा सुरक्षा बल को सिस्टम वितरित किए हैं। CEDI इस परियोजना के लिए ₹25 लाख का सीड फंडिंग प्रदान करेगा।
FAQ
फेकाडे-वॉशिंग ड्रोन कैसे काम करता है?
यह हेक्साकॉप्टर-आधारित ड्रोन है जो पहले साबुन का घोल स्प्रे करता है, फिर डी-आयनीकृत पानी से धोता है, जिससे पानी के निशान नहीं बचते।
इस ड्रोन से कितनी ऊंचाई तक सफाई संभव है?
यह 100 मीटर तक की ऊंचाई पर सफाई कर सकता है, जो लगभग 10-13 मंजिलों के बराबर है।
क्या यह ड्रोन पूरी तरह से स्वदेशी है?
हां, Zerowings Aerospace का लक्ष्य पूरी तरह से स्वदेशी, स्वायत्त ड्रोन बनाना है जो भारत में डिजाइन, निर्मित और उड़ाए जाएं।